वाराणसी। पीएम मोदी आज अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में एक दिवसीय दौरे पर रहें जहा उन्होंने काशी वासियों को तीन बड़ी सौगात दी। जिसमे बंदरगाह समेत मल्टी मॉडल टर्मिनल , बाबतपुर फ़ोर लेन व रिंग रोड। पीएम मोदी बनारस में लगभग 2:30 बजे पहुंचे जहाँ वो सबसे पहले मल्टी मॉडल टर्मिनल टर्मिनल पहुंचे। उन्होंने टर्मिनल का उद्घाटन किया जिसके बाद बंदरगाह पर खड़े कंटेनर का स्वागत किया। इसके बाद पीएम मोदी बाबतपुर फोर लेन का अवलोकन करते हुए हरहुआ स्थित वाजिदपुर जनसभा स्थल पहुंचे। पीएम मोदी ने यहाँ कई योजनाओ का शिलन्यास किया। जिसके बाद उन्होंने भाषण देते हुए तीनो योजनाओ को विस्तार से बताया कि काशी के जनता के समेत इन योजनाओ का देश में क्या फायदा हो सकता है। पढ़िए पीएम मोदी के भाषण के मुख्य अंश
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज का भाषण –
देश के प्रधान सेवक होने के साथ मेरे लिए आज दोहरी खुशी का मौका है। आज वाराणसी इस बात का गवाह है कि संकल्प लेकर जिस काम को किया जाता है तब उसका कार्य कितना भव्य और उज्जवल होता है।
बाबतपुर से आज काशी से सड़क मार्ग से कनेक्टविटी , बिजली के तारो से मुक्त और माँ गंगा की सफाई के लिए कई योजना करीब 25 अरब की परियोजना का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ।
यहाँ कंटेनर के चलने से पूर्वी भारत बंगाल की खाड़ी से ये जलमार्ग जुड़ गया है। आज़ादी के बाद पहली बार अपने नदी को व्यापार के लिए इतने व्यापक स्तर पर सक्षम हुए हैं।
इस नगरी से सभी का आध्यात्मिक रिश्ता है लेकिन आज जल , थल और नभ को जोड़ने वाली नई ऊर्जा का संचार हुआ आज देश का पहला मल्टी मॉडल टर्मिनल का लोकार्पण किया। आज मैं आनंदित हूँ कि देश ने जो सपना देखा था आज साकार हुआ अभी यह कार्य हम और भव्य बनाएंगेआज वाराणासी में जो कंटेनर आया उसमें कोलकाता से उद्योगिक समान आया और फर्टिलाइजर लेकर वापस जाएगा।
जब इस योजना का विचार रखा था तो इसका मजाक उड़ाया गया लेकिन थोड़ी देर पहले आलोचना करने वालो को कोलकाता से आए मालवाहक ने जाबाब दे दिया। यह न्यू इंडिया का प्रतीक है
अब यहां का बना समान पूर्वी भारत के बंदरगाह तक पहुचेगा वह दिन दूर नही कि वाराणासी में किसानों की उगाई सब्जियां , बुनकरों के बने समान जल मार्ग से जाएंगे जो सामान आज कोलकाता से आया है उसमें 70 से ₹75000 सीधा सीधा बच गया। जल मार्ग से समय और पैसा बचेगा।
अब बड़े – बड़े ट्रक रोड , जहाज और मालवाहक से आसानी से दूसरे शहर पहुँच जाएगी। जल मार्ग से भिड़ कम होगी , ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण कम होगी। आज़ादी से पहले हमारे नदियों में बड़े जहाज चलती थी लेकिन आज़ादी के बाद इसका अनदेखी किया गया। देश में समस्त हमारी नदियों की शक्ति के साथ पहले की सरकारों ने अन्याय किया।
देश मे 100 से ज्यादा नेशनल वाटर वे पर कार्य हो रहे हैं। पूर्वी भारत के एक बड़े हिस्से को फायदा होने वाला है।
यह सब काशी के सभ्यता और संस्कार के अनुसार ही होगा। वाराणासी से हल्दिया के बीच 5 हजार करोड़ खर्च कर अनेक सुविधाए दिए जाएंगे। नेचर, कल्चर, एडवेंचर का संगम स्थल बनेगा। पिछले महीने दीनदयाल हस्त कला संकुल में इंडिया एक्सपो कॉरपेट की शुरुआत किया था। बाबतपुर से शहर को जोड़ने वाली शहर 4 लेन कि हो गई है। यहां से आने वाले पर्यटकों का अब काफ़ी समय बचेगा। आज काशी में बने रिंग रोड को भी समर्पित किया गया। रोड के दोनों प्रोजेक्ट दशकों पुरानी मांग थी , सरकार आने के 6 महीने बाद ही इस पर मैने कार्य किया। रामनगर में हेलीपैड बनाने से पर्यटन को विशेष लाभ मिलेगा।
आज बनारस में जितनी परियोजना का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ उससे यहां के नौजवानों को रोजगार मिलेगा। पिछले 4 वर्षों में जो विकास हुआ वह जनता देख रही है .हमने सामान्य मानव की छोटी – छोटी बातों पर गंभीरता से काम किया।
माँ गंगा की सफाई के लिए चल रहे कार्य के लिए 4 प्रोजेक्ट का लोकार्पण और शिलान्यास नमामि गंगे परियोजना के तहत किया गया .हमारी सरकार गंगा जी का पैसा पानी मे नही बहा रही बल्कि उनके जल को साफ करने में लगा रही है।
हमे काशी की तस्वीर को सहेजना है , जिससे पूरे विश्व मे इसका नाम होता रहे काशी के पावन भूमि पर जनवरी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन में मैं भी मौजूद रहूंगा हमारी सरकार गंगा जी का पैसा पानी मे नही बहा रही बल्कि उनके जल को साफ करने में लगा रही है।
जो बिजली का तार लटका होता था वह अंडर ग्राउंड हो रहा है। कैसे पहले की सरकारों ने मां गंगा के सफाई के नाम पर कैसे हजारों करोड़ रुपए बहा दिया काशी के पावन भूमि पर जनवरी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन में मैं भी मौजूद रहूंगा हमे काशी की तस्वीर को सहेजना है , जिससे पूरे विश्व मे इसका नाम होता रहे काशी की स्मृति और प्रयागराज का ऐसा संगम हो कि काशी आने के लिए लोग बाध्य हो जाए।


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