लखनऊ।
लखनऊ विकास प्राधिकरण इन दिनों बन रहा चर्चा का केंद्र।
कही अवैध निर्माण तो कही रसूकदार जेई की मनमानी।
चर्चा का केंद बन रहा है राजधानी में लखनऊ विकास प्राधिकरण।
जुलाई 2018 से प्राधिकरण के आंगन में पड़ा था उपभोक्ता के हक में आदेश।
27 अप्रैल 2018 को हुआ था रास्ट्रीय उपभोक्ता फोरम आयोग से आदेश।
2 साल से उपभोक्ता लगा रहा था प्राधिकरण के चक्कर।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष शिवाकांत द्विवेदी और सचिव अनिल भटनागर के खिलाफ जारी हुआ गैर जमानती वारेंट।
29 सितंबर को हुए आदेश को लखनऊ कमिश्नरेट को 13 अक्टूबर तक कराना है तामील।


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