लेकिन डिजिटल हस्ताक्षर वाली मार्कशीट प्रवेश से लेकर नौकरी तक में मान्य होती है। यही कारण है कि पहले इंटरमीडिएट के बच्चों को ये विशेष रूप से तैयार अंकपत्र देने की तैयारी है ताकि उन्हें आगे स्नातक या अन्य प्रवेश में किसी तरह की परेशानी न हो। बाद में हाईस्कूल के बच्चों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसे स्कूलों के माध्यम से बच्चों को देने पर विचार चल रहा है। ताकि प्रधानाचार्यों की जिम्मेदारी तय की जा सके।
प्रधानाचार्य बोर्ड की वेबसाइट से डिजिटल हस्ताक्षर वाली मार्कशीट डाउनलोड कर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए उसे बच्चों को बांटेंगे।
बाद में हालात सामान्य होने पर अंकपत्र सह प्रमाणपत्र छपवाकर पहले की तरह स्कूलों से बंटवाया जाएगा। दरअसल कोरोना के कारण अंकपत्र सह प्रमाणपत्र छपवाने में भी परेशानी हो रही है। हर साल रिजल्ट घोषित होने के 15 दिन बाद बच्चों को स्कूलों के माध्यम से मार्कशीट उपलब्ध कराई जाती है। लेकिन इस बार बोर्ड की समयसीमा के अंदर अंकपत्र सह प्रमाणपत्र छपवाने में भी कठिनाई आ रही है। अब तक स्कूलों के खुलने की कोई तारीख भी तय नहीं हो सकी है।
यूपी बोर्ड 10 वीं 2020 का रिजल्टयूपी बोर्ड हाईस्कूल रिजल्ट 2020
यूपी बोर्ड 12 वीं 2020 का रिजल्टयूपी बोर्ड इंटरमीडिएट रिजल्ट 2020

UP Board 10th 12th Result 2020 : यूपी बोर्ड 2020 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल 50 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को पहली बार डिजिटल हस्ताक्षर वाली मार्कशीट देने जा रहा है। 27 जून को 12.30 बजे परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर रिजल्ट तो अपलोड कर दिया जाएगा। लेकिन सचिव नीना श्रीवास्तव के डिजिटल हस्ताक्षर वाली मार्कशीट अपलोड होने में दो-तीन का समय लगेगा। सूत्रों के अनुसार हर साल रिजल्ट के समय इंटरनेट से जो अंकपत्र बच्चों को मिलता है उसकी कोई कानूनी मान्यता नहीं होती।
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