शादी हर इंसान की जिंदगी का खूबसूरत ख्वाब होता है। क्या कोई ऐसा सोच सकता है कि शादी के बाद उसकी रातें किसी कोरेंटाइन सेंटर में बीतेंगी। पर, यह कोरोना काल है, और आज वह सब हो रहा है जिसके बारे में किसी ने कभी नहीं सोचा था।
कोरोना कैरियर्स को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन के कारण पड़ोसी राज्यों की सीमाएं सील हैं। इधर से उधर आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पर प्रेम दीवाने किसी का पहरा कहां मानते हैं। पटमदा-बोड़ाम के कई युवाओं की शादी महीनों पहले तय हो गई थी पर लॉकडाउन के कारण शादी समारोह पर संकट के बादल मंडराने लगे। ऐसे में उन्होंने समारोह का विचार तो त्याग दिया पर शादी कैसे छोड़ देते। तमाम बंदिशों के बावजूद शादी की तय तिथि पर वे चोरी छिपे न सिर्फ बंगाल की सीमा में प्रवेश कर गये बल्कि अपनी दुल्हन को भी साथ लेकर लौटै। उनके लौटते ही किसी तरह इसकी भनक प्रशासन को लगी और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दूल्हा-दुल्हन दोनों को ले जाकर कोरेंटाइन सेंटर पर रख दिया।
केस-एक
गोबरघुसी के कामारडुंगरी टोला निवासी विभूति सबर 20 अप्रैल को बाइक पर बराबाजार थाना क्षेत्र के रत्याकोचा गांव पहुंचे और शादी कर रात में ही लौट आए। इसकी भनक लगते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके घर पहुंची और 23 अप्रैल को माचा स्थित क्वारेंटाइन सेंटर में पत्नी पूर्णिमा के साथ उन्हें कोरेंटाइन कर दिया।
केस-दो
पटमदा के केन्दडीह निवासी दुलाल महतो 17 अप्रैल को बराबाजार थाना के गुड़दा से बाइक पर जाकर रात को ही शादी कर लौट आए। इसकी गुप्त सूचना मिलते ही पटमदा सीएचसी की मेडिकल टीम ने 27 अप्रैल को जाल्ला स्थित सेंटर में उन्हें सपत्नीक कोरेंटाइन कर दिया। जानकारी छिपाने को लेकर सहिया नीलमणि महतो को फटकार भी लगाई।
केस – तीन
बोड़ाम थाना क्षेत्र के कुईयानी गांव निवासी युवक अजय महतो ने भी 17 अप्रैल को बलरामपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की लड़की पद्मावती महतो से शादी कर ली। सूचना मिलने पर 23 अप्रैल को स्वास्थ्य जांच के बाद कुईयानी स्थित सेंटर में कोरेंटाइन कर दिया। इसके बाद से ही बंगाल जाकर शादी करने वालों को झटका लगा है ।

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