May 8, 2026

क्यो कराया जा रहा है ईट भट्टे पर गरीब मजदूरों से काम – अजय मिश्रा

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गाजियाबाद

कोरोना वायरस के चलते देश में लाॅक डाउन घोषित होने के बाद एक तरफ जहां सब कुछ बंद है लोग अपने घरों में कैद है देश के प्रधानमंत्री मोदी बार बार लोगों से हाथ जोड़कर अपने घरों में रहने की अपील कर रहे हैं मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश में लाॅक डाउन का कड़ाई से पालन कराने के लिए पुलिस प्रशासन को सख्ती बरतने के आदेश दे रखे हैं पूरा प्रशासनिक अमला लाॅक डाउन को सफल बनाने में लगा हुआ है इस सबसे अलग जिले में एक ऐसा उधोग भी है जो प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित लाॅक डाउन का उल्लंघन कर रहे हैं एक ऐसा उधोग जिसे चलाने वाले ना तो देश के प्रधानमंत्री को ही ना ही प्रदेश के मुखिया योगी को ही कुछ समझ रहे हैं और वह उधोग है ईट भट्टा जोकि बडे पैमाने पर धड्डले से लाॅक डाउन का उल्लंघन करते हुए बडे स्तर पर प्रदूषण फैला रहे हैं।
सबसे बड़ी बात यह है ईट भट्टा ऐसा नहीं होता है जिसे चोरी से चलाया जा सके क्योंकि इसकी चिमनी बहुत ऊँची होती है इसमें से निकलने वाला धुआँ कई किलोमीटर दूर से दिखता है और अकेले गाजियाबाद में सैकड़ों ईट भट्टा मौजूद है जिसमें लोनी, मुरादनगर, मोदीनगर आदि क्षेत्रों में 90% ईट भट्टा आज भी धड्डले से संचालित हो रहे हैं 24 में से 20 घंटे यह ईट भट्टे संचालित हो रहे हैं और हर एक ईट भट्टे पर काफी संख्या में मजदूर काम करते हैं।

अब ऐसे माहौल में जब पुरा देश कोरोना जैसी वेश्विक महामारी से लडने को एकजुट है ऐसे में यह ईट भट्टे कैसे संचालित किए जा रहे हैं?

क्यो कराया जा रहा है ईट भट्टे पर गरीब मजदूरों से काम?

आखिर जिला प्रशासन द्वारा इन ईट भट्टो पर कारवाई क्यो नहीं की जा रही?

सडक पर चलने वाली गाड़ियों से निकलने वाले धुएं पर कारवाई करने वाली एनजीटी इन ईट भट्टो को देखकर क्यों कर रहे अनदेखा?

किसानों द्वारा खेतों में जलाई जाने वाली पराली पर कारवाई करने वाले अधिकारियों को आखिर क्यों नहीं दिखता है ईट भट्टा से निकलने वाला धुआँ?