August 31, 2026

उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के सात इंजीनियरों ने नियमों को ताक पर रखकर छुट्टी लेकर अन्य विभागों में नौकरी और वहां वेतन भी लिया-

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लखनऊ…..उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के सात इंजीनियरों ने नियमों को ताक पर रखकर छुट्टी लेकर अन्य विभागों में नौकरी और वहां वेतन भी लिया। जब मन भर गया तो आसानी से सेतु निगम में वापस लौट आए। जागरण द्वारा चलाई सीरिज से जब इसका खुलासा हुआ तो लोक निर्माण विभाग के मंत्री जितिन प्रसाद ने एमडी से स्पष्टीकरण मांगा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेतु निगम में कार्यरत दीपक गोविल 818 दिन, अशोक कुमार सिंह 562 दिन, तत्कालीन जेई अनिल कुमार 1144 दिन, उदय सिंह 1212 दिन, राम बदल मौर्या 702 दिन, सत्य नारायण 664 दिन और सुरेश चन्द्र 1293 दिन निगम में नौकरी न करके दूसरे विभागों में काम करते रहे।इन इंजीनियरों को पूर्व के प्रबंध निदेशक व वित्त नियंत्रकों ने मिलीभगत करके करोड़ों का भुगतान करते हुए सभी फायदे दिए। नियम के अनुसार सभी इंजीनियरों से शपथ पत्र लेना था कि गायब रहने के दौरान कही से कोई आय अर्जित नहीं की। तत्कालीन प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग ने निर्देश दिए थे, लेकिन प्रमुख सचिव के आदेश भी साजिश करने वालों ने फाइलों में दबा दी।यही नहीं, इनमें कई इंजीनियर रिटायर भी हो गए और रिटायरमेंट के समय मिलने वाले सभी फायदे दे दिए गए। इसके अलावा सहायक अभियंता पर पर भर्ती हुए अभियंताओं को मिलीभगत करके प्रमोशन देने का काम भी किया गया। अब तक सेतु निगम को इससे करोड़ों की आर्थिक क्षति पहुंचाई जा चुकी है।