प्रेस विज्ञप्ति-
पीएचडी परिणाम को लेकर धांधली का आरोप-
महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय वाराणसी के हिन्दी विभाग द्वारा पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2021- 22 में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला प्रकाश में आया है। दिनाँक 22/07/2022 को हिन्दी प्रवेश परीक्षा का अंतिम परिणाम जारी किया गया। परिणाम को जारी होते ही बवाल मच गया है। 90 सीट का विज्ञापन देकर 140 सीटों पर चयन किया गया है। नियम का धज्जियां उड़ाते हुए अपने चहेतों एवं पैसे लेकर चयन किया गया है जबकि योग्य उम्मीदवारों को मनमाने तरीके से बाहर कर दिया गया है। सकलडीहा पीजी कॉलेज चंदौली एवं लाल बहादुर शास्त्री पी.जी. कॉलेज,मुग़लसराय के हिन्दी के प्राध्यापक जो जेआरएफ उत्तीर्ण है एवं आयोग द्वारा परीक्षा पास कर असिस्टेंट प्रोफेसर बन गए किन्तु विद्यापीठ में 140 सीट में उनको भी अनुत्तीर्ण कर दिया गया है। जबकि बिना नेट एवं जेआरएफ उत्तीर्ण को टॉप करा दिया गया है। कई ऐसे लोगों का चयन हुआ है जो शुद्ध हिन्दी भी नहीं लिख सकते हैं। इस संबंध में चंदौली महाविद्यालय शिक्षक संघ एवं काशी विद्यापीठ संबद्ध कॉलेज शिक्षक संघ ने संयुक्त रूप से कुलपति को ज्ञापन दिया है,जिस पर कुलपति महोदय द्वारा संज्ञान लेते हुए जाँच कमेटी गठित कर जाँच कराने का निर्देश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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