August 9, 2020

2500 सहायक पुलिस में नौकरी जाने का डर समा गया-

Spread the love

झारखंड सरकार में भर्ती किए गए 2500 सहायक पुलिस में नौकरी जाने का डर समा गया है। 2017 में इन्हें दो वर्ष के अनुबंध या संविदा पर बहाल किया गया था। इन्हें दो वर्ष के बाद बेहतर प्रदर्शन के आधार पर स्थायी करना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
दो वर्ष के बाद इन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया। यह अवधि भी अगस्त में समाप्त हो रही है, लेकिन विभाग में इनकी नौकरी को लेकर कोई हलचल नहीं है। इससे इन्हें डर लग रहा है कि कहीं उनकी नौकरी चली गई तो क्या होगा । सहायक पुलिस सुखदेव भकत, राजकुमार महतो, सुव्रत महतो आदि ने बताया कि उनकी सेवा – शर्त में भी लिखा है कि सहायक पुलिसकर्मियों को अधिकतम पांच वर्ष तक सेवा विस्तार दिया जाएगा। जमशेदपुर में करीब 100 सहायक पुलिस हैं। झारखंड पुलिस ने उन्हें ज्यादातर ड्यूटी ट्रैफिक में लगाया। उन्हें 10 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय के सिवा कोई भत्ता नहीं मिलता।