October 19, 2021

*हत्या के मामले में एक ही परिवार के तीन लोगों को आजीवन कारावास*,

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*हत्या के मामले में एक ही परिवार के तीन लोगों को आजीवन कारावास*,
*अदालत ने दोषियों पर ठोका 1.25 लाख रूपये का अर्थदंड*,
*पानी भरने को लेकर हुए विवाद में गोली मारकर की गयी थी हत्या*
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(1)सुलतानपुर। पानी को लेकर हुए विवाद के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने एक ही परिवार के तीन लोगों को दोष सिद्ध ठहराया है। जनपद न्यायाधीश उमेश चंद्र शर्मा ने सभी को आजीवन कारावास एवं एक लाख 25 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनायी है।
मामला बाजार शुकुल थाना क्षेत्र के बदलगढ़ गांव से जुड़ा है। जहां की रहने वाली तहरुननिशा पत्नी खलील अहमद ने 19 जून 2009 की रात करीब आठ बजे की घटना बताते हुए मुकदमा दर्ज कराया। आरोप के मुताबिक वादिनी के घर वाले भोजन-पानी कर रहे थे। इसी दौरान नल पर पानी भरने को लेकर सफीक अहमद व आरोपी मेराज अहमद से विवाद हो गया। जिस पर वादिनी व उसके पति खलील अहमद ने बीच-बचाव किया। उसी समय मेराज ने अपने घर वालों को आवाज देकर बुला लिया। जिसके बाद मजान उर्फ अनीश ने तमंचा,मो.वसीर व मेराज ने हाथो में लाठी-डंडा लेकर वादिनी व उसके बच्चों पर हमला बोल दिया। बीच-बचाव में वादिनी के पति खलील अहमद दौड़े तो आरोपी नसीब उर्फ पप्पू के ललकारने पर मजान ने खलील को गोली मार दी। गोली लगने से मौके पर ही खलील अहमद की मौत हो गयी। इस मामले में आरोपी मजान उर्फ अनीश,मेराज व नसीम उर्फ पप्पू व किशोर मो.वसीर के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में आरोप पत्र दाखिल हुआ। वसीर को छोड़ शेष अन्य का विचारण जिला एवं सत्र न्यायालय में चला। इस दौरान बचाव पक्ष ने अपने साक्ष्यों एवं तर्कों को पेश किया।वहीं जिला शासकीय अधिवक्ता तारकेश्वर सिंह ने अभियोजन पक्ष से आठ गवाहों को परीक्षित कराया। उभय पक्षों को सुनने के पश्चात जिला न्यायाधीश उमेश चंद्र शर्मा ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी मजान उर्फ अनीश को हत्या व आर्म्स एक्ट के मामले में आजीवन कारावास व 1.05 लाख रूपये अर्थदंड की सजा सुनायी है,वहीं दोषी मेराज व नसीब को अदालत ने आजीवन कारवास एवं दस-दस हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनायी है।

*दुष्कर्म एवं किशोरी को भगाने के मामले में आरोपियों की जमानत नमंजूर*
*डकैती व भगाने के आरोपियो को मिली राहत*
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(2)सुलतानपुर । शादी का झांसा देकर पीड़िता से दुष्कर्म समेत अन्य गंभीर मामलों में आरोपियों की तरफ से जमानत अर्जी प्रस्तुत की गयी। जिस पर सुनवाई के पश्चात एडीजे प्रथम की अदालत ने डकैती व किशोरी को भगाने के आरोपियो को राहत दी है। वहीं दुष्कर्म आरोपी शुभम तिवारी व भगाने के आरोपी की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है।
पहला मामला कुड़वार थाना क्षेत्र के सोहगौली गांव से जुड़ा है। जहां के रहने वाले शुभम तिवारी के खिलाफ मुसाफिरखाना क्षेत्र की रहने वाली एक युवती ने धोखाधड़ी समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया। तफ्तीश के दौरान पुलिस विभाग की हकीकत उजागर होने के बाद मामले में दुष्कर्म के धारा की बढ़ोत्तरी हुई। इस मामले में तब जाकर हरकत में आयी पुलिस ने शुभम तिवारी को जेल भेजने की कार्यवाही की। मालूम हो कि इसी घटना से जुड़े मामले में पीड़िता को गुमराह कर उसकी मोबाइल पर अश्लील मैसेज पोस्ट करने समेत अन्य आरोपों में तत्कालीन नगर कोतवाल नंद कुमार तिवारी को निलंबित किया गया आैर एसपी सिटी की जांच के बाद उन पर मुकदमा भी दर्ज हुआ। अपने पर लगे आरोपों को नया मोड़ देने के लिए निलंबित कोतवाल ने एक पत्रकार को पीड़िता से जोड़ते हुए उल्टे-सीधे आरोप भी लगाये। निलंबित कोतवाल की इस करतूत की शिकायत भी पत्रकार ने मुख्यमंत्री समेत अन्य से कर प्रकरण की गहनता से जांच कराने की मांग की है। जिससे नंद कुमार तिवारी समस्याओं से आैर भी घिरते नजर आ रहे हैं। फिलहाल पीड़िता को शादी का झांसा देकर हुए दुष्कर्म के मामले में आरोपी शुभम तिवारी की तरफ से जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी प्रस्तुत की गयी। जिस पर सुनवाई के पश्चात जिला जज उमेश चंद्र शर्मा ने आरोपी की जमानत खारिज कर दी है।
दूसरा मामला जामो थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। जहां पर हुई घटना का जिक्र करते हुए अभियोगिनी ने अपनी 15 वर्षीय पुत्री को भगा ले जाने के आरोप में राम सुख निवासी पूरेलोधन राजगढ़ थाना गौरीगंज समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। मामले में रामसुख की तरफ से स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की अदालत में जमानत अर्जी प्रस्तुत की गयी। तीसरा मामला दोस्तपुर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर रायपट्टी से जुड़ा है। जहां के रहने वाले अभिषेक सिंह के खिलाफ डकैती समेत अन्य आरोप है। दोनों मामलों में आरोपी रामसुख व अभिषेक सिंह की तरफ से जमानत पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने जमानत पर विरोध जताया। वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा ने आरोपों को निराधार बताते हुए जमानत की मांग की। उभय पक्षों को सुनने के पश्चात सत्र न्यायाधीश आरपी सिंह ने आरोपियों को राहत दी है।
चौथा मामला कुड़वार थाना क्षेत्र के बांसी से जुड़ा है। जहां के रहने वाले आरोपी रामरतन व उसके भांजे रोहित के खिलाफ अभियोगी ने बीते पांच जून की घटना बताते हुए अपनी नाबालिग पुत्री को बहलाकर भगा ले जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया। इस मामले में आरोपी रामरतन कई महीनों से जेल में है।जिसकी प्रथम जमानत अर्जी पीड़िता की बरामदगी के पहले ही खारिज हो चुकी थी,बरामदगी होने पर रामरतन की तरफ से द्वितीय जमानत अर्जी प्रस्तुत की गयी । जिस पर सुनवाई के पश्चात स्पेशल जज पाक्सो एक्ट आरपी सिंह ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।