May 28, 2022

स्वास्थ्य विभाग- कोरोना के टीकाकरण में भूल गया बच्चों की परवरिश-

Spread the love

*प्रयागराज न्यूज़:- स्वास्थ्य विभाग- कोरोना के टीकाकरण में भूल गया बच्चों की परवरिश*

*हनुमानगंज:-* विकास खण्ड बहादुरपुर की कोटवा सीएचसी का सूरते हाल यह है कि कोरोना के टीकाकरण में बच्चों की देखभाल और टीकाकरण के सारे वुसूल भुला दिये बारह से पन्द्रह माह पूर्व जन्मे बच्चों को सारे टीके नहीं लग पाये है महिलायें बच्चों के टीकाकरण के लिए इस केन्द्र से उस केन्द्र तक भटकने को मजबूर है इस सम्बन्ध में जब सीएमओ से बात की गयी तो उन्होंने प्रभारी की लापरवाही बताते हुये उनके खिलाफ कार्यवाही की बात कह पल्ला झाड़ लिया अब देखना है कि उनके खिलाफ कार्यवाही कब होगी

विकास खण्ड बहादुरपुर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को मिला कर कुल सौ से पार ग्राम पंचायतों का इकलौता सीएचसी कोटवा है जो बनी गाँव में स्थित है इस सीएचसी से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य सुविधायें सरकार द्वारा प्रदान की जाती है कोरोना काल में उक्त सीएचसी के पास बने कुम्भ मेला के लिए विशेष अस्पताल में ही कोविड का एल- 1 सेन्टर बनाया गया उसके बाद यहाँ अधिकारियों की दौड़ भाग होती रही किन्तु आम आदमियों की आना जाही बंद हो गयी आदमी अपने बच्चों को इस अस्पताल में दिखाना बंद कर दिया धीरे धीरे व्यवस्थायें तो बदल गयी कोविड सेन्टर भी हटा दिया गया किन्तु डाक्टरों के रवैये में कोई बदलाव नहीं हुआ कोविड टीकाकरण की आड में यहाँ व्यवस्था इस तरह बद से बदतर हो गयी कि मासूमों के लिए आने वाली सारी व्यवस्थाओं को सीएचसी कर्मियों ने बंद कर दिया नवजात शिशुओं को जन्म के बाद लगने वाले टीके को सीएचसी कर्मी भूल गये जन्म के बाद से पेन्टा, बीसीजी, एम आर, जेई आदि टीके बच्चों को नहीं लग पा रहे हैं महिलायें बच्चों को पुनरक्षित करने के लिए लगने वाले टीके के लिए गाँव की आशा और एएनएम से सम्पर्क करते हैं किन्तु सीएचसी से बच्चों के टीके की दवा ही भेजी जा रही है सीएचसी कर्मी सिर्फ कोविड के लिए ही परेशान है लोगों में टीकाकरण हो या न हो आशा और एएनएम एक एक सेन्टर पर पांच पांच दिन कोविड का टीका लगवा रही है कोविड के आगे नवजात शिशुओं को दी जाने वाली सारी सुविधायें और टीकाकरण बंद सा हो गया है टीकाकरण की इस लचर प्रणाली के सम्बन्ध में जब सीएमओ प्रयागराज से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि सीएचसी कोटवा के प्रभारी की काफी शिकायतें है उनके खिलाफ कार्यवाही की जायेगी देखना यह है कि इस आदर्श आचार संहिता में सीएमओ कौन सी कार्यवाही प्रभारी के खिलाफ कब करते हैं।