January 17, 2021

स्कूल को बनाने में नियमों की उडाई गई धज्जियां-कौसिक बगाडिय़ा

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जमशेदपुर, । अमूमन भवन बनने के पहले ना केवल नक्शा पास कराना जरूरी होता है, बल्कि नक्शे के अनुरूप भवन बनाना भी जरूरी होता है। यही नियम झारखंड के जमशेदपुर में भी लागू है, लेकिन यह सब चलता है कि तर्ज पर अनूठा कारनामा हुआ है।
जमशेदपुर के साेनारी स्थित कार्मेल जूनियर कालेज का नक्शा बिल्डिंग बनने के बाद पास हुआ है। इसे वेबसाइट पर भी देखा जा सकता है कि यह स्कूल तीन मार्च 1997 में बन गया था, जबकि इसका नक्शा 18 फरवरी 2008 को पास किया गया। यह काम जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति ने किया है।
जमीन साकची में, स्‍कूल सोनारी में
इस संबंध में बाल मजदूर मुक्ति सेवा संस्थान के मुख्य संयोजक सदन कुमार ठाकुर ने जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी, जिस पर पूर्वी सिंहभूम के अपर जिला दंडाधिकारी नंदकिशोर लाल ने एक दिसंबर को टाटा स्टील के हेड, लैंड एंड मार्केट को पत्र लिखा है, जिसमें सदन ठाकुर का आवेदन संलग्न करते हुए बाल विहार को सबलीज पर दी गई जमीन को दोबारा कार्मेल जूनियर कालेज के नाम पर दोबारा सबलीज किए जाने के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। यह भी विचित्र मामला है, जिसमें बाल विहार की जमीन को बिना खाता या प्लॉट नंबर के कारमेल जूनियर कालेज काे दे दी गई। यही नहीं, जमीन की बंदोबस्ती मिल्स एरिया साकची में की गई है, जबकि स्कूल सोनारी में है।
टाटा स्‍टील से मांगा गया था प्रतिवेदन
स्कूल की जमीन 2.585 एकड़ है। इस मामले में भी अपर जिला दंडाधिकारी ने टाटा स्टील के चीफ, कारपोरेट एडमिनिस्ट्रेशन को छह नवंबर को पत्र लिखा था, जिसमें कंपनी से प्रतिवेदन मांगा गया था।
बिना खाता-प्लॉट के नहीं पारित हो सकता नक्शा
सूचना अधिकारी अधिनियम के तहत जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति ने जवाब दिया था कि बिना होल्डिंग या मकान संख्या के नक्शा पारित ही नहीं हो सकता। अक्षेस ने इसी जवाब में लिखा है कि ऐसे भवनों के निर्माण पर जिनका प्लाॅट नंबर, मकान संख्या या होल्डिंग नंबर नहीं है, संज्ञान में आने पर झारखंड नगरपालिका अधिनियम-2011 और बिल्डिंग बायलाज के तहत कार्रवाई की जा सकती है। सूचना अधिकार अधिनियम के तहत आवेदक सदन ठाकुर का कहना है कि यह उसी अक्षेस का जवाब है, जिसने बिना खाता-प्लाॅट संख्या के कारमेल जूनियर कालेज का नक्शा पारित किया है।