October 19, 2021

सीडब्लयूसी की पहली बैठक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई,

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कांग्रेस के मुख्य फैसले लेने वाली कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक आज शुरू हो रही है। नए नेतृत्व में गठित नई समिति की पहली बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी करेंगे और देश के वर्तमान हालात और राजनीतिक परिदृश्य पर पार्टी नेताओं को संदेश देंगे। सीडब्ल्यूसी में इस साल होने वाले तीन विधानसभा चुनावों को लेकर भी चर्चा होनी है। इस दौरान विपक्षी दलों की एकजुटता और चुनावी तालमेल पर भी चर्चा होनी है।


– सूत्रों ने बताया, कांग्रेस नेता सचिन पायलट, शक्ति सिंह गोहिल, रमेश चेन्निथला ने बैठक में कहा, हमें पार्टियों के साथ रणनीतिक साझेदारी करनी चाहिए लेकिन पार्टी को गठबंधन के केंद्र में रहना चाहिए और राहुल गांधी को इस गठबंधन का चेहरा बनाना चाहिए।
-सूत्रों ने कहा, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी और दिग्विजय सिंह कांग्रेस वर्किंग कमिटी में हिस्सा नहीं ले रहे हैं। उन्हें सीडब्ल्यूसी बैठक में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया था। पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने पहले उनका नाम बैठक से हटा दिया था।
– अपने भाषण में सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री के जुमलों का जिक्र करते हुए कहा कि वह अपनी तारीफ करते रहते हैं।
– समिति की बैठक में मॉब लिंचिंग के मुद्दे को उठाया है।
– सूत्रों के अनुसार बैठक में चिदंबरम ने कहा कि पार्टी 12 राज्यों में मजबूत है। हम अपने नंबरों को तीन गुना कर सकते हैं। बचे हुए राज्यों में पार्टी का क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन महत्वपूर्ण होगा।
– सूत्रों के अनुसार, सीडब्ल्यूसी की बैठक में सोनिया गांधी ने कहा कि आरएसएस की संगठनात्मक और वित्तीय शक्ति का मुकाबला करने के लिए विपक्ष को रणनीतिक साझेदारी के लिए साथ आना होगा और अपने निजी मतभेदों को दूर रखना होगा। उन्होंने कहा कि हमें दलितों और पिछड़ों की आवाज बनना है।
– कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, ‘हम गठबंधन को सुचारु रूप से चलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और हम सभी राहुल गांधी के साथ हैं। हम अपने लोगों की इस खतरनाक शासन से रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो भारत के लोकतंत्र से समझौता कर रही है।’
– वर्किंग समिति में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा, ‘मैं राहुल गांधी जी को यह आश्वासन देता हूं कि हम भारत के सामाजिक सद्भाव और आर्थिक विकास को बहाल करने की उनकी इस कठिन यात्रा में उनका समर्थन करेंगे।’
– सुरजेवाला ने कहा, डॉक्टर मनमोहन सिंह ने लगातार आत्म प्रशंसा और प्रधानमंत्री के जुमले की संस्कृति को खारिज कर दिया है क्योंकि यह विकास के ठोस नीतिगत ढांचे के खिलाफ है। किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने के लिए कृषि वृद्धि दर को 14 प्रतिशत करना होगा। ऐसा होना संभव नहीं लगता।
– रणदीप सुरजेवाला ने कहा, राहुल गांधी ने नए गठित सीडब्ल्यूसी को अनुभव का संस्थान बताया। उन्होंने कहा कि यह ऊर्जा है जो भूत, भविष्य और वर्तमान के बीच का एक पुल है। उन्होंने कांग्रेस के सभी पुरुष/महिलाओं को खड़े होकर भारत में हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ लड़ने के लिए कहा।
– संसद के एनेक्सी में राहुल गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस की वर्किंग कमिटी की बैठक शुरू।
– पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी कांग्रेस वर्किंग कमिटी की मीटिंग में शामिल होने पार्लियामेंट एनेक्सी पहुंचे।

इस मीटिंग में शामिल होने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट सहित कई नेता पहले से ही एनेक्सी में मौजूद हैं

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान के चुनाव पर रणनीति होगा मुख्य मुद्दा
सीडब्ल्यूसी के एजेंडे में इस साल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनावों पर रणनीति मुख्य मुद्दा है। बैठक में चुनाव की तैयारियों समेत इन राज्यों में गठबंधन के विकल्पों पर मुहर लग सकती है। कांग्रेस के लिए इन तीनों राज्यों के चुनाव सर्वाधिक महत्व रखते हैं क्योंकि तीनों जगहों पर 15-15 साल से भाजपा की सरकार है।
चूंकि इन राज्यों में कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में है, लिहाजा राज्य में दखल रखने वाले अन्य दलों के साथ छोटे-छोटे स्थानीय दलों को साथ लेकर चलने पर भी बैठक में चर्चा होनी है। बैठक में कुछ संगठनात्मक बदलावों और आगे के कार्यक्रमों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
– सूत्रों ने बताया, कांग्रेस नेता सचिन पायलट, शक्ति सिंह गोहिल, रमेश चेन्निथला ने बैठक में कहा, हमें पार्टियों के साथ रणनीतिक साझेदारी करनी चाहिए लेकिन पार्टी को गठबंधन के केंद्र में रहना चाहिए और राहुल गांधी को इस गठबंधन का चेहरा बनाना चाहिए।

– अपने भाषण में सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री के जुमलों का जिक्र करते हुए कहा कि वह अपनी तारीफ करते रहते हैं।

– समिति की बैठक में मॉब लिंचिंग के मुद्दे को उठाया है।

– सूत्रों के अनुसार बैठक में पी चिदंबरम ने कहा, पार्टी 12 राज्यों में मजबूत है। हम अपने नंबरों को तीन गुना बढ़ाकर 150 कर सकते हैं। बचे हुए राज्यों में पार्टी का क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन महत्वपूर्ण होगा।

– सूत्रों के अनुसार, सीडब्ल्यूसी की बैठक में सोनिया गांधी ने कहा कि आरएसएस की संगठनात्मक और वित्तीय शक्ति का मुकाबला करने के लिए विपक्ष को रणनीतिक साझेदारी के लिए साथ आना होगा और अपने निजी मतभेदों को दूर रखना होगा। उन्होंने कहा कि हमें दलितों और पिछड़ों की आवाज बनना है।

– कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, ‘हम गठबंधन को सुचारु रूप से चलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और हम सभी राहुल गांधी के प्रयास के साथ हैं। हम अपने लोगों की इस खतरनाक शासन से रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं जो भारत के लोकतंत्र से समझौता कर रही है।’

– वर्किंग समिति में पूर्व-प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं राहुल गांधी जी को यह आश्वासन देता हूं कि हम भारत के सामाजिक सद्भाव और आर्थिक विकास को बहाल करने की उनकी इस कठिन यात्रा में उनका समर्थन करेंगे।’

– रणदीप सुरजेवाला ने कहा, राहुल गांधी ने नए गठित सीडब्ल्यूसी को अनुभव का संस्थान बताया। उन्होंने कहा कि यह ऊर्जा है जो भूत, भविष्य और वर्तमान के बीच का एक पुल है। उन्होंने कांग्रेस के सभी पुरुष/महिलाओं को खड़े होकर भारत में हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ लड़ने के लिए कहा।

– संसद के एनेक्सी में राहुल गांधी की अध्यक्षता में कांग्रेस की वर्किंग कमिटी की बैठक शुरू।

– पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी कांग्रेस वर्किंग कमिटी की मीटिंग में शामिल होने पार्लियामेंट एनेक्सी पहुंचे।

इस मीटिंग में शामिल होने के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट सहित कई नेता पहले से ही एनेक्सी में मौजूद हैं

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान के चुनाव पर रणनीति होगा मुख्य मुद्दा

सीडब्ल्यूसी के एजेंडे में इस साल मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में होने वाले विधानसभा चुनावों पर रणनीति मुख्य मुद्दा है। बैठक में चुनाव की तैयारियों समेत इन राज्यों में गठबंधन के विकल्पों पर मुहर लग सकती है। कांग्रेस के लिए इन तीनों राज्यों के चुनाव सर्वाधिक महत्व रखते हैं क्योंकि तीनों जगहों पर 15-15 साल से भाजपा की सरकार है।

चूंकि इन राज्यों में कांग्रेस विपक्ष की भूमिका में है, लिहाजा राज्य में दखल रखने वाले अन्य दलों के साथ छोटे-छोटे स्थानीय दलों को साथ लेकर चलने पर भी बैठक में चर्चा होनी है। बैठक में कुछ संगठनात्मक बदलावों और आगे के कार्यक्रमों पर भी चर्चा होने की संभावना है।