May 28, 2022

सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा, गैंग सरगना सहित 03 अभियुक्त गिरफ्तार-

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*स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तर प्रदेश, लखनऊ।*

 

*प्रेस नोट संख्याः 412, दिनांक 25-12-2021*

 

*सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा, गैंग सरगना सहित 03 अभियुक्त गिरफ्तार।*

 

आज दिनांक 25-12-2021 को एस0टी0एफ0, उ0प्र0 को सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का खुलासा कर गैंग सरगना सहित कुल 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में उल्लेखऩीय सफलता प्राप्त हुई है।

 

*गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरणः-*

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1. निलेश सिंह उर्फ छोटू उर्फ अभिषेक पुत्र अनिल सिंह नि0 बरवारति पट्टी थाना भीमपुरा, जनपद बलिया।

2. प्रदीप कुमार सिंह पुत्र दीनानाथ सिंह नि0 ग्राम परसपुर थाना मधुबन, जनपद मऊ।

3. अजय प्रताप सिंह पुत्र मुक्तेश्वर सिंह नि0 रानेपुर थाना सकलडीहा, जनपद चन्दौली।

 

*बरामदगीः-*

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1. यूपी 67 आर 7324 लाल रंग फ्रेजर मोटर साइकिल।

2. मोबाईल फोन -03 अदद।

3. कूटरचित स्टैम्प (भारतीय खाद्य निगम जी0एम0 झारखण्ड सरकार)-01 अदद।

4. कूटरचित स्टैम्प (वन एवं पर्यावरण विभाग सी0एफ0ओ0 झारखण्ड सरकार हजारीबाग)-01 अदद।

5. कूटरचित स्टैम्प (डिपार्टमेण्ट आफ मेडिकल हेल्थ एण्ड फेमली वेलफेयर गवर्नमेण्ट आफ उत्तर प्रदेश)-01 अदद।

6. कूटरचित वेरिफिकेशन पत्र अवनीश कुमारी पुत्री धर्मेन्द्र कुमार नि0 ग्राम बारे थाना भभुआ कैमूर बिहार।

7. कूटरचित कागजात- संजना सिंह पुत्री सुरेन्द्र प्रताप सिंह नि0 आजादनगर थाना निचलौल जनपद महाराजगंज का एफ0सी0आई0 हजारीबाग की कूटरचित मोहर लगी अटेन्शन फार्म 17 पन्ने ।

8. कूटरचित प्रमोद कुमार पुत्र पांचू राम नि0 ग्राम खरेहरा थाना सकलडीहा जनपद चन्दौली के नाम बैन गार्ड पद के लिए स्थायी नियुक्ति-पत्र की छायाप्रति।

9. कूटरचित पत्र – ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे मुकुन्दा कस्तुरबा नगर धनबाद।

10. चेक काशी गोमती संयुक्त ग्रामीण बैंक खाता सं0-618162010011754 का 9 लाख रूपये का रवि यादव के हस्ताक्षर का बिना तारीख का-01 अदद।

11. कैथी शाखा बैंक आॅफ बडौदा की आरटीजीएस रसीद-01 अदद।

12. निलेश सिंह के कोटक महेन्द्र के खाते में खाता सं0-6045840984 दिनांक-20.11.21 को भेजने की रसीद- 01 अदद।

13. नगद 3050/- रूपया।

14. पैन कार्ड- 01 अदद।

15. ए0टी0एम0 कार्ड बैंक आफ बडौदा-01 अदद।

16. आधार कार्ड-02 अदद।

17. मतदाता पहचान पत्र-01 अदद।

18. पिट्ठू बैग -01 अदद।

 

*गिरफ्तारी का स्थान/समयः-*

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थाना कैन्ट जनपद वाराणसी क्षेत्रान्तर्गत जे0एच0वी0 माॅल के पास से। दिनांक 25-12-2021 को समय-10.30बजे

 

विगत कुछ दिनों से झारखण्ड एवं उत्तर प्रदेश के वाराणसी़ व इसके आस-पास के जनपदों में सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर एक गिरोह के सक्रिय होने की सूचना प्राप्त हुई। इस सम्बन्ध में एस0टी0एफ0 उत्तर प्रदेश की फील्ड यूनिट वाराणसी को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था।

उक्त क्रम में निरीक्षक श्री पुनित परिहार के नेतृत्व में एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी द्वारा अभिसूचना संकलन एवं छानबीन की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी। जिसके क्रम में आज दिनांक 25-12-2021 को विश्वस्त सूत्रों के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि स्वास्थ्य विभाग, रेलवे, पुलिस, खाद्य निगम (उत्तर प्रदेश, पलवल हरियाणा व झारखण्ड), फारेस्ट गार्ड (उत्तर प्रदेश व बिहार/झारखण्ड) और आर्मी में जी0डी0 के पद पर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का सरगना निलेश सिंह अपने गैंग के साथियों के साथ थाना कैण्ट जनपद वाराणसी क्षेत्र में जे0एच0वी0 माॅल के पास खड़ा है और कुछ लड़को को भर्ती के नाम पर ठगी करने के लिये बुलाया है। उक्त सूचना पर एसटीएफ वाराणसी टीम द्वारा उक्त अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया।

 

गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ एवं अभिसूचना संकलन से पाया गया गया कि इनका एक संगठित गिरोह है और यह वर्ष 2019 से सक्रिय हैं। ये लोग इण्टरनेट पर सरकारी नौकरी की वेबसाइट चेक किया करते है। निलेश उपरोक्त ने बताया कि मैं पिछले दो-तीन वर्ष से नौकरी का लालच देकर बेराजगार लड़के/लड़कियों को फंसाकर विभिन्न विभागों के कूटरचित जाली नियुक्ति पत्र बनाकर देता था, इस कार्य के एवज में उनके अभिभावकों से 07-07 लाख रूपये लेते थे। निलेश ने बताया कि इसमें मेरे साथ कई लोग मिलकर कार्य करते है। इस क्षेत्र में मेरे साथ अजय और प्रदीप नौकरी दिलाने के नाम पर लड़के/लड़कियों के अभिभावकों से अपने मोबाईल फोन से मेरी बात कराते थे। इसके बाद जिनका पैसा मिलता था, उनके कूटरचित नियुक्ति पत्र पोस्ट आफिस या स्वंय तथा अपने झारखण्ड के सहयोगियों चन्द्रभूषण यादव मूल नि0 सिकन्दरपुर बलिया और महतो के माध्यम से फर्जी नियुक्ति पत्र तथा पुलिस वेरिफिकेशन के कागजात डाक से उनके पते पर भेज देते थे। निलेश द्वारा लडके/लडकियों के अभिभावकों से कहा जाता था कि थाने पर जाकर भेजे गये वेरिफिकेशन पत्र को सत्यापित कराकर भेज दो। इस पर उन्हे विश्वास हो जाता था कि मेरी नौकरी लग गयी है। इसी प्रकार निलेश और उसके सहयोगियों ने अनेक लोगों को ठगा। पूछताछ में इन लोगों द्वारा यह भी बताया गया कि ठगी से लगभग 60-70 लाख रूपये प्राप्त हुआ। इस ठगी से प्राप्त अधिकांश धन का निवेश कपडे़ की दुकान व हारवेस्टर मशीन और ज्वेलरी की खरीदारी में किया।

 

उपरोक्त गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध जनपद वाराणसी के थाना कैण्ट में मु0अ0सं0 635/2021 धारा 419/420/467/468/471/120बी भादवि का अभियोग पंजीकृत कराया गया। अग्रिम विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।