November 28, 2021

शास्त्री स्मृति भवन का हुआ लोकापर्ण

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वाराणसी/दिनांक 27 सितम्बर, 2018(सू0वि0)

शास्त्री स्मृति भवन का हुआ लोकापर्ण

कॉरपस फंड बनाएंगे, जिससे ‘‘लाल बहादुर शास्त्री स्मृति भवन संग्रहालय’’
के भव्य स्मारक को आगे बढ़ाया जा सकेगा-मुख्यमंत्री

स्मृतियों से समाज प्रेरणा प्राप्त करता रहे-योगी आदित्यनाथ

‘‘जय जवान-जय किसान’’ का नारा देने वाले माटी के लाल भारत के पूर्व
प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के रामनगर स्थित पैतृक आवास को ‘‘लाल
बहादुर शास्त्री स्मृति भवन संग्रहालय’’ के रूप लोकापर्ण गुरूवार को
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल रामनाईक एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
किया। इस मौके पर संग्रहालय के मुख्य द्वार पर स्थापित लाल बहादुर
शास्त्री एवं संग्रहालय के अन्दर स्थापित ललिता शास्त्री के आदमकद
प्रतिमा का भी अनावरण किया गया।
‘‘लाल बहादुर शास्त्री स्मृति भवन संग्रहालय’’ का लोकापर्ण करने के बाद
लौटते समय पत्र-प्रतिनिधियों से अनौपचारिक वार्ता करते हुए मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ ने कहॉ कि देश के प्रधानमंत्री के रूप में लाल बहादुर
शास्त्री जी ने इस देश को एक गौरवशाली नेतृत्व दिया। यह शास्त्री जी की
जन्म भूमि है और हम आदरणीय प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से और शास्त्री जी
के परिवार के आग्रह पर यहां पर शास्त्री जी के पैतृक आवास को स्मारक के
रूप में आज लोकार्पण किया है। यहां पर शास्त्रीजी और उनकी पत्नी ललिता
शास्त्री जी के प्रतिमा का अनावरण भी हुआ है। उन्होने कहॉ कि इस देश को
खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर करने का काम, या फिर 1965 के युद्ध
में गौरवशाली विजय दिलाने का मामला रहा हो, एक संवेदनशील इंसान के साथ
साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय शास्त्री जी ने
दिया था। उसका परिणाम इस देश के बहादुर जवानों के शौर्य पराक्रम से 1965
के युद्ध में विजय प्राप्त हुई थी। जय जवान-जय किसान का नारा देकर इस देश
को संदेश देकर शास्त्री जी गए है। उनकी स्मृतियों से समाज प्रेरणा
प्राप्त करता रहे इस दृष्टि से यहां पर यह स्मारक प्रेरणादाई केंद्र के
रूप में सदैव मार्ग दर्शन देता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा की हम इसके लिए कॉरपस फंड बनाएंगे, जिससे इस भव्य
स्मारक को आगे बढ़ाया जा सकेगा। क्योंकि शास्त्री जी कि जब बात आती है तो
वास्तव में एक अत्यंत गरीब घर में पैदा होने के बावजूद उन्होंने जिस
विपरीत परिस्थितियों में अपनी शिक्षा ग्रहण किया। यहां से काशी वे गंगा
नदी को पार करके (तैरकर) जाते थे, लेकिन कभी भी अपने निर्धनता को
उन्होंने अपने मार्ग में बाधक नहीं बनने दिया और एक प्रेरणा जो निरंतर दी
जाती थी संवेदनशील इंसान के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर भारत
की समृद्धि के मुद्दे पर उन्होंने जो एक नेतृत्व दिया इस देश को व सदैव
प्रेरित करता रहेगा। यही कारण है कि देश आज भी शास्त्री जी के प्रति अपार
श्रद्धा का भाव रखता है और यही परिणाम है कि शास्त्री जी के दुखद मृत्यु
के बाद जिस प्रकार की घटना क्रम सामने आए और आज भी लोगों की स्मृति में
शास्त्री जी बने हुए हैं उनकी प्रेरणा बनी हुई है कि उनके साथ क्या कुछ
घटित हुआ। इन सब के बारे में समाज जानना चाहता है कि हमारी एक गौरवशाली
नेता के साथ ऐसी क्या घटना घटित हुई थी। लेकिन असमय चले गए स्वाभाविक रूप
से यह स्मारक समाज को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा और भारत के
राष्ट्रवाद के प्रति समर्पण का भाव पैदा करेगा। आज राज्यपाल के सानिध्य
में लोकार्पण का कार्यक्रम संपन्न हुआ है। हम लोग संस्कृति विभाग उत्तर
प्रदेश की तरफ से इसको कार्पस फंड देकर इसकी व्यवस्था अनवरत रूप से चलती
रहे और यह केंद्र वास्तव में शास्त्री जी की व्यक्तित्व की प्रेरणा स्थली
बनी रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माटी के लाल शास्त्री जी को
श्रद्धांजलि देते हुए कहॉ कि 2 अक्टूबर को शास्त्री जी की 114 वी जयंती
है मैंने इसीलिए परिवार के सदस्यों से अनुरोध किया था कि इससे पहले
स्मृति भवन संग्रहालय के लोकापर्ण का कार्यक्रम हो जाए। क्योंकि हम लोगों
ने इस बात की व्यवस्था की है शास्त्री जी की जयंती के दिन उत्तर प्रदेश
शास्त्री भवन में शास्त्री जी के भव्य प्रतिमा पर माल्यार्पण का
कार्यक्रम तो इस देश के प्रति शास्त्री जी का योगदान कभी भूला नहीं जा
सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पितृ पक्ष चल रहा है इससे बड़ी बात दूसरी
नहीं हो सकती है कि हम अपने पूर्वजों के प्रति श्रद्धा रखें। इससे बड़ी
बात क्या हो सकती है प्रदेश सरकार की तरफ से हम इस पूरे अभियान को आगे
बढ़ाएंगे।
शास्त्री जी के जीवन दर्शन से भी हुए रूबरू
शास्त्री संग्रहालय व स्मृति भवन में समाहित जय जवान-जय किसान की झलक
देख राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री अभिभूत हुए। भवन में लगाई गयी क्रमवार
तस्वीरों के जरिए माटी के लाल की जीवन गाथा, उनके व्यक्तित्व व जीवन
दर्शन के बारे में भी जाना-समझा। शास्त्री जी व उनकी पत्नी ललिता
शास्त्री द्वारा दैनिक उपयोग में उपयोग किये गये सामानों के बाबत जानकारी
की।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री सिद्वार्थ नाथ सिंह, संस्कृति
मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, एमएलसी डा0लक्ष्मण आचार्य, विधायक सौरभ
श्रीवास्तव, लालबहादुर शास्त्री के पुत्रद्वय सुनील शास्त्री एवं अनिल
शास्त्री सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।