October 21, 2021

शराब कारोबारी के घर आयकर विभाग का छापा

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MVD INDIA NEWS .
सिया राम मिश्र ,
वाराणसी , 11 अक्टूबर 2018 , दिन गुरुवार .
नगर के चर्चित शराब कारोबारी के यहां ताबड़तोड़ 43 घंटे तक आयकर की सर्च एंड सीजन की कार्रवाई चली । इस दौरान करीब 100 करोड़ रुपये की आयकर चोरी पकड़ी गई । इसके अलावा टीम ने लगभग छह करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण व संपत्तियों की खरीद-फरोख्त के कई अभिलेख भी जब्त कर लिया हैं । हालांकि जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आयकर चोरी की रकम की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी ।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार शराब कारोबारी के आवास सहित तीन ठिकानों पर लगातार 43 घंटे तक गहन छानबीन में तमाम गंभीर प्रकरणों का खुलासा हुआ है । साथ ही कोई चौंकाने वाले व अहम अभिषेक भी बरामद हुए है । छापेमारी में अधिकांश दस्तावेज फर्जी कंपनियों के पाए गए है । वाराणसी सहित देश भर में फैले फर्जी कंपनियों का संचालन खुद शराब कारोबारी हीरा जायसवाल करता रहा । चर्चा के मुताबिक बिलासपुर में कारोबारी की शराब की एक बड़ी फैक्ट्री है । इसके अतरिक्त सरिया का कारखाना भी है । बिलासपुर के कारखानों का पैसा फर्जी कंपनियों में लगाया जाता रहा है ।
उन फर्जी कंपनियों के जरिए कालेधन को सफेद किया जाता रहा है । फर्जी कंपनी बनाने के लिए उन फैक्टियों के कर्मचारियों का उपयोग किया गया । शराब कारोबारी की ज्यादातर कंपनियां कोलकता में हैं । जानकारी के अनुसार बिलासपुर की शराब फैक्ट्री और सरिया कारखाने का पैसा कोलकता समेत पूर्वांचल में खपाया गया है। रिटर्न में रुपये के गोलमाल की सूचना के आधार पर आयकर विभाग ने कोलकता सहित पूर्वांचल के संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की गई है । सोमवार की सुबह सात बजे प्रारंभ हुआ छापेमारी की कार्रवाई मंगलवार देर रात्रि लगभग दो बजे तक चलता रहा । लगभग 43 घंटे तक चली सर्च एंड सीजर की कार्रवाई में करोबारी ने 100 करोड़ रुपये की कर चोरी की बात स्वीकार भी की । छापेमारी में लालपुर आवास से मिले छह करोड़ रुपये मूल्य के आभूषण को सीज किया गया है । साथ ही कई बैंक खातों को भी सीज कर दिया गया है । जानकार खबरियां सूत्रों के अनुसार कर्मचारियों को सभी फर्मो का मालिक बनाकर उन्हीं के खाते से रुपये की हेराफेरी काफी दिनों से चला आ रहा है । कालेधन को सफेद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सीए से भी अधिकारियों ने जानकारी एकत्र करने लगे हैं । आरंभिक जांच में कारोबारी ने सौ करोड़ रुपये की अघोषित आय स्विकार की है …….