January 28, 2021

*वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से मुख्य सचिव ने की समीक्षा बैठक*

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*वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से मुख्य सचिव ने की समीक्षा बैठक*

*राजस्व, कृषि, पर्यावरण, पशुधन और खाद्य एवं रसद विभाग के कार्यक्रमों की, की गयी समीक्षा*

*वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा किया गया प्रतिभाग*

*खुले में न सोये कोई, रैन बसेरों में कराएं गरीब व निराश्रितों के लिए इंतजाम*

*सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलवाएं व निराश्रितों को कम्बल वितरण सुनिश्चित कराएं*

*गौआश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं दुरूस्त रहें तथा इनका नियमित निरीक्षण कराएं जिलाधिकारी*

*क्रय केन्द्रों पर जब तक धान व किसान हैं, क्रय केन्द्र चलते रहें*

*जन शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराएं अधिकारी*

*किसानों से नियमित संवाद रखें जिलाधिकारी*

लखनऊ: मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में आई.जी.आर.एस. के निस्तारण की स्थिति, राजस्व, खाद्य एवं रसद, कृषि, पशुधन व पर्यावरण आदि विभागों के कार्यक्रमों की समीक्षा की गयी।
अपने सम्बोधन में मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि इस समय भीषण शीतलहरी चल रही है, अतः कोई भी व्यक्ति खुले में न सोये। रैनबसेरों की व्यवस्थाएं दुरूरत रखें तथा उनका प्रचार-प्रसार करायें कि यह निःशुल्क व्यवस्था है कि जोकि गरीब व निराश्रितों के लिए शासन द्वारा की गयी है। उन्होंने कहा कि आवश्यकतानुसार सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था की जाये तथा जरूरतमंदों को कंबलों का वितरण सुनिश्चित कराया जाये।
उन्होंने कहा कि गौ आश्रय स्थलों एवं गौशालाओं का भी नियमित निरीक्षण कराया जाये, बड़ी गौशालाओं का निरीक्षण जिलाधिकारी स्वयं करें तथा वहां की व्यवस्थाओं को दुरूस्त रखें। उन्होंने कहा कि गौ आश्रय स्थलों पर ठण्ड से बचाव व उनके इलाज की समुचित व्यवस्था रहे। उन्होंने कहा कि गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि उन्हें गौ आश्रय स्थलों के लिए जो धन उपलब्ध कराया जाता है उसका समय से उपभोग प्रमाण पत्र भिजवाएं ताकि मांग प्राप्त होने पर तत्काल धन उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि जरूरी होने पर राज्य वित्त आयोग के बजट से गौ सेवक रख सकते हैं। उन्होंने बताया कि नये गौशालाआंें की स्थापना के लिए 147 करोड़ रुपये उपलब्ध हैं, जिससे 120 गौशालाएं खोली जा सकती हैं, जिसके लिए जिलाधिकारी प्रस्ताव भिजवाएं।
धान क्रय केन्द्रों के संचालन एवं धान व मक्के की खरीद की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक किसानों का धान क्रय केन्द्रों में आ रहा है, सभी क्रय केन्द्र चालू रहेंगे। उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि वह टास्क फोर्स गठित कर क्रय केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण कराते रहें तथा धान क्रय केन्द्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं व किसानों को सुविधाएं सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि जिन केन्द्रों में अधिक किसान आ रहे हैं, वहंा पर अतिरिक्त केन्द्र खोला जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक क्रय केन्द्रों में धान व किसान मौजूद हैं, क्रय केन्द्र बन्द नहीं होगा और खरीददारी जारी रहेगी। उन्होंने राइस मिल्स के स्टाॅक की भी चेकिंग कराने और भुगतान की स्थिति की भी समीक्षा करते रहने के भी निर्देश दिये।
आई.जी.आर.एस. जनशिकायतों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्राप्त जनशिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित कराया जाये तथा रैण्डम आधार पर शिकायतकर्ताओं से सम्पर्क कर उसकी पुष्टि भी की जाये। उन्होंने कहा कि यदि रैण्डम जांच में यदि कहीं जन शिकायत के निस्तारण की गुणवत्ता में कमी अथवा शिकायतकर्ता की संतुष्टि का स्तर ठीक नहीं पाया जाता है, तो दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित कर अनुशासनिक कार्यवाही की जाए।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना एवं पराली प्रबन्धन की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी किसानों से नियमित संवाद बनाये रखें तथा उनकी हर संभव मदद करें, उनकी सभी शंकाओं का समाधान करें। किसानों को यूरिया, डीएपी, बीज अन्य कृषि निवेश पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें तथा उन्हें किसी भी चीज की कोई समस्या न होने पाये।
उन्होंने 15 दिसम्बर, 2020 से प्रारंभ निर्विविवादित वरासत के मामलों को दर्ज करने के अभियान की प्रगति, वेटलैण्ड्स से कब्जा हटवाने के अभियान की प्रगति, मान0 एनजीटी के आदेशों के अनुपालन की स्थिति, समाज कल्याण व अल्पसंख्यक कल्याण के कार्यक्रमों की भी विस्तार से समीक्षा की।
इससे पूर्व कृषि, पर्यावरण, राजस्व, पशुधन, खाद्य एवं रसद विभाग के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव द्वारा जनपदवार विभागीय प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की गयी।
बैठक में सभी सम्बन्धित विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव एवं वरिष्ठ अधिकारीगण तथा वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं सम्बन्धित अन्य मण्डलीय जनपदीय अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
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