May 22, 2022

राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति चुनाव में BJP को वॉकओवर देने के मूड में नहीं हैं विपक्षी दल, उतार सकते हैं संयुक्त उम्मीदवार-

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राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति चुनाव में BJP को वॉकओवर देने के मूड में नहीं हैं विपक्षी दल, उतार सकते हैं संयुक्त उम्मीदवार

 

 

 

नई दिल्ली: कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने गुरुवार को दावा किया कि उनकी पार्टी के साथ अन्य विपक्षी दल भी आगामी राष्ट्रपति चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्याशी के खिलाफ अपना उम्मीदवार उतारने के लिए दृढ़ हैं. वरिष्ठ कांग्रेसी नेता साथ ही यह जोड़ना नहीं भूले कि विपक्ष का रुख पूरी तरह से एनडीए के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति उम्मीदवार पर निर्भर करेगा. यह दर्शाता है कि विपक्ष, मोदी सरकार के राजनीतिक या सामाजिक विचारों से मेल खाने का प्रयास करेगा. राष्ट्रपति का चुनाव इस साल जुलाई में होना है, अगस्त में उपराष्ट्रपति का चुनाव होना है.

 

 

साल 2017 में, कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को अपना राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया था. वहीं रामनाथ कोविंद भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्याशी थे. राष्ट्रपति चुनाव में रामनाथ कोविंद के पक्ष में 661,278 वोट, जबकि मीरा कुमार के पक्ष में 434,241 वोट पड़े थे. वहीं, उपराष्ट्रपति के चुनाव में राजद प्रत्याशी एम वेंकैया नायडू के सामने विपक्ष ने गोपालकृष्ण गांधी को अपना उम्मीदवार बनाया था. उपराष्ट्रपति के चुनाव में कुल 771 वोट पड़े, जिसमें वेंकैया नायडू को 516 और गोपालकृ​ष्ण गांधी को 244 मत मिले थे.

 

हालांकि, विपक्षी उम्मीदवारों का राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुने जाने की संभावना कम है. भले ही एनडीए के पास राष्ट्रपति चुनाव के लिए जरूरी बहुमत के आंकड़े 549,452 से 9000 मत कम हैं, लेकिन उसके पास बीजू जनता दल और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी जैसे संभावित समर्थक हैं जो इस घाटे की भरपाई कर सकते हैं. कांग्रेस के लिए सभी विपक्षी दलों को स्वीकार्य उम्मीदवार का नाम देना भी मुश्किल होगा. राष्ट्रपति चुनावों के हाल के इतिहास में, केवल एपीजे अब्दुल कलाम ऐसे राष्ट्रपति रहे, जिनके नाम पर सत्ता पक्ष और विपक्ष एकमत दिखे.

 

फिर भी, वाम दलों ने एपीजे अब्दुल कलाम के खिलाफ पूर्व आईएनए सैनिक लक्ष्मी सहगल को मैदान में उतारा था. वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि भाजपा ने 2007 और 2012 में क्रमशः प्रतिभा पाटिल और प्रणब मुखर्जी का राष्ट्रपति पद के लिए निर्विरोध समर्थन नहीं किया और अपने उम्मीदवार खड़े किए थे. भाजपा ने प्रतिभा पाटिल के खिलाफ भैरो सिंह शेखावत को अपना उम्मीदवार बनाया था. वहीं प्रणब मुखर्जी के खिलाफ भाजपा ने पूर्व लोकसभा स्पीकर पीए संगमा को अपना उम्मीदवार बनाया था.