November 23, 2020

Plastic vials containing tests for the coronavirus are pictured at a medical laboratory in Cologne, Germany, March 24, 2020, as the spread of the coronavirus disease (COVID-19) continues. Picture taken March 24, 2020. REUTERS/Thilo Schmuelgen

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कोविड-19 सम्बन्धी समीक्षा बैठक आयोजित- अजय मिश्रा

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मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कोविड-19 सम्बन्धी समीक्षा बैठक आयोजित

 

*अस्पतालों में इलाज के लिये आने वाले सभी गंभीर मरीजों का कोविड टेस्ट सुनिश्चित किया जाये*

 

*कोरोना का संक्रमण कम हुआ है, पर खतरा अभी टला नहीं है, अतः लगातार सावधानी एवं सतर्कता बरतने की जरूरत*

 

*उपयुक्त सर्विलान्स, गुणात्मक उपचार एवं उपचार में विलंब की रोकथाम से बचाई जा सकती है जिंदगियां*

 

*प्रशासन, पुलिस, सिविल सोसायटी के सहयोग से कोविड की रोकथाम हेतु मास्क पहनने, नियमित हाथ धोने व सोशल डिस्टेंसिंग को प्रोत्साहित किया जाये*

 

*राजेन्द्र कुमार तिवारी,*

*मुख्य सचिव*

 

*दिनांक: 02 नवम्बर, 2020*

 

*लखनऊ:* मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी ने वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से कोविड-19 के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की, जिसमें सभी सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

अपने सम्बोधन में उन्होंने कहा कि सरकारी एवं निजी अस्पतालों में इलाज के लिये आने वाले सभी गंभीर मरीजों का कोविड टेस्ट सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों में आने वाले ILI एवं SARI के मामलों की कोविड जांच अवश्य की जाये। इसके अतिरिक्त सर्विलान्स में पाये गये सभी ILI एवं SARI मामलों की भी जांच की जाये।

उन्होंने कहा कि प्रशासन, पुलिस, सिविल सोसायटी के सहयोग से कोविड की रोकथाम हेतु मास्क पहनना, नियमित हाथ धोना व सामाजिक दूरी बनाये रखने के व्यवहार को प्रोत्साहित किया जाये तथा घर-घर यह संदेश प्रसारित कराया जाये कि संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है तथा लगातार सावधानी एवं सतर्कता बरतने की जरूरत है।

मुख्य सचिव ने कहा कि कोविड से होने वाली मौतों की गहराई से समीक्षा की जाये तथा इसके निष्कर्षों से सीख लेकर भविष्य में होने वाली परिहार्य मृत्यु पर रोक लगाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि गुणात्मक उपचार, उपयुक्त सर्विलांस तथा उपचार में विलंब की रोकथाम से जिन्दगियां बचाई जा सकती हैं। इसके अलावा होम आइसोलेशन में रखे गये मरीजों का नियमित अनुश्रवण किया जाये तथा निर्धारित व्यवस्थानुसार पहले, चैथे व सातवें दिन मरीजों के यहां विजिट किया जाये। उन्होंने कहा कि यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाये कि कोविड-19 से किसी व्यक्ति की मृत्यु होम आइसोलेशन के दौरान न हो तथा लक्षण आते ही उसे तत्काल हाॅस्पिटल में भर्ती कराया जाये।

इसके अतिरिक्त जिन इलाकों में डेंगू के ज्यादा मरीज संज्ञान में आये हैं, उन इलाकों में टीम भेजकर साफ-सफाई, ड्रेनेज, नालियों की सफाई, एण्टीलार्वा दवा के छिड़काव आदि का निरीक्षण करा लिया जाये। इसके अलावा स्वच्छता के साथ-साथ कूलर का पानी नियमित अंतराल पर बदलने, गमलों में पानी इकट्ठा न होने देने, पक्षियों के लिये रखे गये वाटर पाॅट का पानी रोज बदलने, गड्ढों में पानी एकत्रित न होने देने आदि के सम्बन्ध में आमजन को जागरूक किया जाये।

इससे पूर्व बैठक में बताया गया पिछले 24 घण्टों में 1788 पाॅजिटिव केस मिले हैं, 2040 को डिस्चार्ज किया गया है, 25 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। वर्तमान में कुल 23,035 एक्टिव केस हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है। पिछले 24 घण्टों में 1,34,064 सैम्पल टेस्ट किये गये हैं तथा अब तक कुल 1,51,49,160 सैम्पल टेस्ट किये जा चुके हैं।

बैठक में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डाॅ0 रजनीश दुबे, अपर मुख्य सचिव ग्राम्य विकास एवं पंचायती राज मनोज कुमार सिंह, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य आलोक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार सहित सभी सम्बन्धित अधिकारीगण वीडियो काॅन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से उपस्थित थे।

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