May 24, 2022

महिला सशक्तीकरण को आंगनबाड़ी कार्यक्रमों से जोड़ा जाय- राज्यपाल

Spread the love

वाराणसी (सू.वि.)दि:22-04-2022*

 

*महिला सशक्तीकरण को आंगनबाड़ी कार्यक्रमों से जोड़ा जाय- राज्यपाल*

 

*बच्चों को शारीरिक, मानसिक तथा सामाजिक रूप से तैयार करने के लिए जन्म से ही देखभाल की जाय*

 

*महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष हेल्थ कैम्प लगाये जायें- गवर्नर*

 

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आंगनबाड़ी केंद्रों को सुविधा संपन्न बनाए जाने हेतु आवश्यक वस्तुओं के वितरण कार्यक्रम के अंतर्गत आज स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, ग्राम प्रधानों, विभिन्न स्वयं सहायता समूह तथा विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा की सेवा और समर्पण के पथ पर हमें चलना है और हम चल रहे हैं।महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष तौर पर स्वास्थ्य कैंप आयोजित करने पर जोर दिया। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि कैंपों में महिलाओं और बच्चों की विशेष जांच हो जिसमें सर्वाइकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर तथा मोनोपॉज, बच्चों के दांत, लीवर, हॉर्ट आंखों की जांच शामिल हो। बीमारियां आएंगी और हमें उससे लड़ना है, गरीबी से हमें लड़ना है, और एक सशक्त समाज का निर्माण करना है।यही सोच लेकर हमारे प्रधानमंत्री से लेकर शासन प्रशासन सब उसी दिशा में काम कर रहे हैं। आंगनबाड़ी ऐसी होनी चाहिए जहां हमारा भविष्य बनता हो। जहां हमारी माताएं बच्चों को जन्म देती हैं, जहां हमारी किशोरियां बड़ी होती हैं। इसीलिए सबसे पहले आंगनबाड़ी केंद्रों पर ध्यान केन्द्रित किया गया। राज्यपाल ने अभिभावकों तथा शिक्षकों का आह्वान किया कि स्कूलों में 9 साल से 15 साल तक की बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिये वैक्सीन अवश्य लगवायें, बहुत से लोगों को वैक्सीन की जानकारी ही नहीं है। कोरोना जैसी महामारी के दृष्टिगत लोगों से ब्लड डोनेशन के लिये रजिस्ट्रेशन कराने का आह्वान किया जिससे आपात स्थिति में प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ने पर फोन काल करके उस मरीज के ब्लड ग्रुप के लोगों से प्लेटलेट्स लिया जा सके और मरीज का जीवन बचाया जा सके।

आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से हम जन्म से ही बच्चों का शारीरिक मानसिक तथा सामाजिक विकास करना है, संस्कार विकसित करना है। महिला सशक्तीकरण को भी इससे जोड़ने चाहिए। पारम्परिक खेलों कबड्डी, खो-खो आदि आयोजित करें व प्रतियोगिता करायें जिससे बच्चे मन से तन से विचार से स्वस्थ बनें।

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा द्वारा इसके पूर्व आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था तथा उनके द्वारा की जा रही सभी सेवाओं को विस्तार से बताया। इसके अलावा महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ तथा एकेटीयू के वीसी ने भी आंगनबाड़ी केंद्रों को गोद लेकर शिक्षा जगत के माध्यम से अनेक कार्यों की जानकारी दी।