May 22, 2022

महिला वन स्टाप सेंटर से बालिका गायब-

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*महिला वन स्टाप सेंटर से बालिका गायब*

 

*सुरक्षा के नाम पर महिला सिपाही पीआरडी के जवान सेंटर मैनेजर सहित तमाम लोगों की सरकार ने लगाई है कड़ी ड्यूटी*

 

*बालिका के गायब होने के मामले में दोषियों पर नहीं हुई कार्यवाही*

 

*कौशाम्बी* पीड़ित बालिकाओं को सुरक्षा और संरक्षण देने उन्हें आश्रित करने खाना-पीना भोजन आदि की व्यवस्था के नाम पर सरकार ने महिला वन स्टॉप सेंटर की स्थापना की है कौशांबी जिले का महिला वन स्टॉप सेंटर संयुक्त जिला चिकित्सालय की दूसरी मंजिल पर संचालित हो रहा है महिला वन स्टॉप सेंटर के संचालन की व्यवस्था के लिए महिला सिपाहियों पीआरडी के जवान ऑफिस स्टाफ चपरासी मैनेजर सहित भारी भरकम सरकारी कर्मचारियों की तैनाती की गई है लेकिन गजब तो तब हो गया जब महिला वन स्टाफ सेंटर के कार्यालय में चार दिन पहले पहुंची एक बालिका रहस्यमय हालत से गायब हो गई है इस संबंध में जब जिला प्रोवेशन अधिकारी राजनाथ राम से बात की गई तो उनका कहना है कि महिला खिड़की की सरिया तोड़कर दो मंजिल ऊपर छत से कूद कर फरार हो गई है लेकिन उनकी यह बात हजम नहीं हो रही है खिड़की जमीन से 20 फुट ऊपर लगी है और किसी संसाधन के बगैर बालिका का सरिया को तोड़ देना और 20 फुट नीचे कूदकर फरार हो जाना यह कतई संभव नहीं लगता है बालिका के फरार होने के मामले में जिला प्रोवेशन अधिकारी राजनाथ राम महिला पुलिस कर्मियों पीआरडी के जवान सेंटर मैनेजर और अन्य कर्मचारियों को दोषी मानते हैं लेकिन अभी तक किसी दोषी पर कार्रवाई नहीं हुई है

 

बताते चलें कि करारी थाना क्षेत्र के बराई बंधवा गांव की प्रियंका देवी महिला वन स्टॉप सेंटर जिला अस्पताल मंझनपुर में चार दिन से आश्रित थी लेकिन महिला वन स्टॉप सेंटर की अव्यवस्था लापरवाही के चलते या किसी अन्य कारण से बालिका वहां से गायब हो गई है बालिका जिस युवक से प्रेम करती थी वह युवक लंबे समय से जेल के सलाखों के पीछे बंद है जिससे अपने प्रेमी के साथ बालिका के भाग जाने की भी आशंका पूरी तरह से खत्म हो गई है लेकिन उसके बाद भी लापरवाह महिला पुलिसकर्मियों के दबाव में करारी पुलिस ने बालिका के प्रेमी के घर में दबिश देकर परिजनों से अभद्रता कर गायब बालिका को हाजिर करने के निर्देश दे डाला है सवाल उठता है कि जिसका बेटा बालिका के प्रेम में जेल में बंद हो वह उस बालिका को कैसे खोज पाएगा इस सवाल के उत्तर पर अधिकारी निरुत्तर हो जाते हैंl