May 25, 2022

भारत से मारीशस का भावनात्मक लगाव है-प्रधानमंत्री

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वाराणसी/दिनांक 22 अप्रैल, 2022(सू0वि0)

 

*भारत से मारीशस का भावनात्मक लगाव है-प्रधानमंत्री*

 

*दोनों देश विकास की संभावनाओं को बहुत आगे तक बढ़ा सकते हैं-प्रविन्द कुमार जगन्नाथ*

 

*मारीशस में शुगर अर्थव्यवस्था का मूल स्रोत है- प्रधानमंत्री प्रविन्द कुमार जगन्नाथ*

 

*राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविन्द कुमार जगन्नाथ से शिष्टाचार भेट की*

 

*भारत एवं मारीशस के बीच विकास की जो भी संभावनाएं हैं, उसमें उत्तर प्रदेश अपना अग्रणी भूमिका निर्वहन करने के लिए पूरी तरह तत्पर है-मुख्यमंत्री*

 

*मारीशस के लोग भारत को अपने पूर्वजों की धरती मानते हैं-योगी आदित्यनाथ*

 

*मारीशस एवं भारत की संस्कृति एक जैसी है*

 

*भारत एवं मारीशस के अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश अग्रणी भूमिका का निर्वहन कर सकता हैं*

 

*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मॉरीशस के लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि वे भारत आये, यहां पर्यटन के क्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की भी भारी संभावनाएं हैं-योगी आदित्यनाथ*

 

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रहा है और उनके विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश विकास के क्षेत्र में नित्य-प्रतिदिन आगे बढ़ रहा है-सीएम*

 

*मारीशस के निवासियों व व्यापारियों का उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से स्वागत है-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ*

 

वाराणसी। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तीन दिवसीय भ्रमण पर काशी आए मारीशस के प्रधानमंत्री प्रविन्द कुमार जगन्नाथ से शुक्रवार को होटल ताज में शिष्टाचार भेट की। उन्होंने मारीशस के प्रधानमंत्री का प्रदेश वासियों की तरफ से स्वागत करते हुए भारत एवं मारीशस के मानचित्र उकेरा गया अंगवस्त्रम ओढ़ाया तथा श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का प्रतीक स्मृति चिह्न स्वरूप प्रदान की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मारीशस के प्रधानमंत्री प्रविन्द कुमार जगन्नाथ के साथ बैठक भी किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत एवं मारीशस के मैत्रीपूर्ण संबंध को बनाए रखने में मारीशस के पूर्व प्रधानमंत्री अनिरुद्ध जगन्नाथ (प्रधानमंत्री प्रविन्द कुमार जगन्नाथ के पिता) के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में भारतीय प्रवासी दिवस के अवसर पर मारीशस गए थे एवं फरवरी, 2018 आयोजित यूपी अंबेडकर सम्मेलन के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अनिरुद्ध जगन्नाथ का शुभकामना प्राप्त हुआ था। मारीशस के लोग भारत को अपने पूर्वजों की धरती मानते हैं। मारीशस एवं भारत की संस्कृति एक जैसी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एवं मारीशस विकास के क्षेत्र में काफी आगे बढ़ सकता है। भारत एवं मारीशस के अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश अग्रणी भूमिका का निर्वहन कर सकता हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मॉरीशस के लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि वे भारत आये। यहां पर्यटन के क्षेत्र के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की भी भारी संभावनाएं हैं। भारत के बहुत लोग टूरिज्म के लिए मारीशस जाते हैं। मारीशस से भी लोग भारी संख्या में काशी, अयोध्या, मथुरा, प्रयागराज एवं कुशीनगर पर्यटन के लिए आते हैं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू रहा है और उनके विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश विकास के क्षेत्र में नित्य-प्रतिदिन आगे बढ़ रहा है। मारीशस के निवासियों व व्यापारियों का उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से स्वागत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मारीशस के प्रधानमंत्री को विशेष रूप से जोर देते हुए बताया कि काशी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है और यहां की जनता उनसे अत्यधिक प्रेम करती है।

मुख्यमंत्री ने गन्ना विकास पर विशेष जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में गन्ना पेराई की 119 चीनी मिलें संचालित है। गन्ना की खेती के लिए ही उत्तर प्रदेश से लोग मारीशस गए। गन्ना अनुसंधान एवं तकनीक के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश एवं मॉरीशस मिलकर कार्य कर सकता है। गन्ना एवं आयुष के क्षेत्र में विकास की पर्याप्त संभावनाएं हैं। शुगर केन से इथेनॉल बनाकर डीजल और पेट्रोल में मिलाया जा सकता है। जिससे डीजल और पेट्रोल की मांग को पूरा करने के साथ-साथ इसके आयात को कम किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि शुगर केन से इथेनॉल बनाने के लिए उत्तर प्रदेश में प्लांट स्थापित किए हैं, जो पूरी तरह क्रियाशील है। इससे किसान भी खुश एवं प्रसन्न रहें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कुल 119 चीनी मिल क्रियाशील है, जो कोविड काल में भी बंद नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने डेलिगेशन के माध्यम से कृषि एवं गन्ना विकास के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच तकनीकी को साझा एवं आवश्यक जानकारियों के आदान-प्रदान पर जोर दिया। गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट के साथ-साथ गवर्नमेंट टू बिजनेसमैन के मध्य इंटरेक्शन एवं वार्ता होनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोविड काल के दौरान भी उद्योग बाधित नहीं हुए। कोविड काल के विषम परिस्थिति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को लीड करते रहें। कोरोना काल के दौरान उन्होंने देश की जनता से संवाद बनाया बनाए रखा। कोविड काल के दौरान भारत की अर्थव्यवस्था तीव्र गति से आगे बढ़ती रही। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री को अवगत कराते हुए बताया कि एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा है। पूरे देश में बनने वाले मोबाइल का 60 फ़ीसदी मोबाइल उत्तर प्रदेश में बनते है। पिछले 5 वर्षों में उत्तर प्रदेश में आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक के क्षेत्र में भारी निवेश हुआ है और संभावनाएं बढ़ी हैं।

मारीशस के प्रधानमंत्री प्रविन्द कुमार जगन्नाथ ने अपने काशी आगमन पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें काफी अच्छा लगा। भारत से मारीशस का भावनात्मक लगाव है। दोनों देश विकास की संभावनाओं को बहुत आगे तक बढ़ा सकते हैं। उन्होंने बताया कि मारीशस में शुगर अर्थव्यवस्था का मूल स्रोत है। उन्होंने शुगर के क्षेत्र में मिलकर विकास की संभावनाओं पर विशेष जोर दिया। मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने भी भारतवासियों को अपने देश में निवेश के लिये आमंत्रित किया। उन्होंने काशी के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि 3 वर्ष पूर्व भी जब वे काशी आए थे और जब आज 3 वर्ष बाद पुनः काशी आए हैं तो काशी में अद्भुत एवं आशातीत विकास हुए हैं। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के दौरान अद्भुत अनुभूति हुई एवं बाबा विश्वनाथ के अभिषेक के दौरान काफी अभिभूत हुआ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मारीशस के प्रधानमंत्री को अवगत कराते हुए बताया कि श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन एवं इच्छा के अनुरूप हुआ है। कॉरिडोर का निर्माण कार्य रिकॉर्ड समय में हुआ है। गंगा स्नान के पश्चात अब बाबा विश्वनाथ की अभिषेक के लिए सीधे मंदिर पहुंचने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई गई है। जबकि पूर्व में सकरी-सकरी गलियां रही और गंगा स्नान के पश्चात लंबी दूरी तय कर बाबा के दरबार में काफी जद्दोजहद के बाद भक्त पहुंच पाते थे। कॉरिडोर के निर्माण के दौरान 66 नए मंदिर मिले, जिनका पुनरुद्धार कराया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रतिदिन लगभग एक लाख से अधिक भक्त बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन करते हैं। नव वर्ष के अवसर पर 01 जनवरी को 7 लाख एवं शिवरात्रि को 5 लाख भक्तों ने बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन किया, जो रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री ने इच्छा जताते हुए कहा कि मारीशस के भारतवंशी काशी आकर बाबा विश्वनाथ एवं माता गंगा का दर्शन करें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत एवं मारीशस के बीच विकास की जो भी संभावनाएं हैं उसमें उत्तर प्रदेश अपना अग्रणी भूमिका निर्वहन करने के लिए पूरी तरह तत्पर है।

इससे पूर्व उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी के प्रधानमंत्री के साथ भेंटवार्ता की।