January 27, 2021

बजरंग दल के खिलाफ हेट स्पीच पर नहीं लिया एक्शन फेसबुक

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फेसबुक ने अपने कारोबार और कर्मचारियों की खातिर बजरंग दल के खिलाफ हेट स्पीच पर नहीं लिया एक्शन- रिपोर्ट

नई दिल्ली. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक (Facebook) पर फिर से अपने बिजनेस के लिए हेट स्पीच को बढ़ावा देने और प्रमोट करने के आरोप लगे हैं. अमेरिका के मशहूर अखबार ‘द वॉल स्ट्रीट जनरल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक ने हेट स्पीच (Hate Speech) के नियमों के तहत कट्टरवादी संगठन बजरंग दल (Bajrang Dal) पर कार्रवाई नहीं की थी. वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक को डर था कि इससे भारत में उसका ऑपरेशन प्रभावित हो सकता है.

वॉल स्ट्रीट जर्नल में रविवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, फेसबुक ने भारत में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का समर्थन करने वाले बजरंग दल (Bajrang Dal) को महज अपनी राजनीतिक और सुरक्षा कारणों से सोशल नेटवर्क पर बने रहने की परमिशन दी, जबकि फेसबुक की सेफ्टी टीम ने बजरंग दल को संभावित खतरनाक संगठन के रूप में टैग किया था.

 

रिपोर्ट में बजरंग दल के एक वीडियो और उस पर फेसबुक की कार्रवाई का हवाला दिया है. रिपोर्ट में इस वीडियो के बारे में ये भी बताया गया है कि जून में बजरंग दल ने नई दिल्ली के बाहर एक चर्च पर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था. इस वीडियो को 2.5 लाख व्यूज मिले थे.

इसलिए नहीं लिया एक्शन

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, सत्ताधारी बीजेपी के साथ संबंधों के कारण फेसबुक को बजरंग दल के खिलाफ किसी भी तरह के एक्शन लेने से डर था. फेसबुक को इस बात की चिंता थी कि इससे भारत में उसका बिजनेस खराब हो सकता है. बजरंग दल पर एक्शन लेने से भारत में कंपनी की व्यावसायिक संभावनाओं और उसके कर्मचारियों दोनों को खतरा हो सकता है.

फेसबुक की एक इंटरनल रिपोर्ट में कहा गया है, ‘भारत के सत्तारूढ़ हिंदू राष्ट्रवादी राजनेताओं, बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने से फेसबुक कर्मियों पर शारीरिक हमले या कंपनी की फैसिलिटीज पर हमले होने का खतरा है.’ इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि इस प्लेटफॉर्म पर अन्य संगठनों के बीच बजरंग दल की मौजूदगी भारत में हेट स्पीच से निपटने के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता पर संदेह जताती है.

 

फेसबुक ने बीते दिनों दी थी सफाई
फेसबुक पर इससे पहले भी अपने फायदे के लिए नियमों की अवहलेना के आरोप लगते रहे हैं. बीते दिनों फेसबुक के प्रवक्ता ने सभी आरोपों पर सफाई दी थी. फेसबुक ने कहा था, ‘हम ऐसे भाषण और कंटेंट पर रोक लगाते हैं जो हिंसा भड़काता है. निष्पक्षता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी प्रक्रिया का नियमित ऑडिट करते हैं.’

 

बता दें कि फेसबुक ने अक्टूबर में भारत में अरबों डॉलर का निवेश किया है. उसके देश में पांच ऑफिस हैं और वह भारत को यूजर्स के मामले में अपना सबसे बड़ा बाजार मानती है.

 

बजरंग दल क्या है?
बजरंग दल, संघ परिवार और विश्व हिंदू परिषद की कड़ी का युवा चेहरा माना जाता है. इस दल की शुरुआत 1 अक्टूबर 1984 में सबसे पहले भारत के उत्तर प्रदेश में शोभा यात्रा के रूप में हुई थी. इस शोभा यात्रा को राम जानकी रथयात्रा के नाम से जाना जाता था, जिसका मकसद केवल लोगों को हिंदुत्व के बारे में बताना था. धीरे-धीरे इस यात्रा से युवा और साधु-संत जुड़ गये और ये गुट बजरंग दल में तब्दील हो गया. इस दल के दावे के मुताबिक उसके 1,300,000 सदस्य हैं. इस दल का मुख्य एजेंडा देश में हिंदुत्व का प्रचार-प्रसार करता है. बजरंग दल का सूत्रवाक्य “सेवा, सुरक्षा और संस्कृति” है.