May 22, 2022

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत उद्यम की स्थापना हेतु-

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प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत उद्यम की स्थापना हेतु

25.00 लाख रू0 तक के ऋण बैंकों के माध्यम से दिलाये जाने का प्रावधान

 

समस्त खण्ड विकास अधिकारी प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अन्तर्गत अपने विकास खण्ड से कम से कम 50 ऋण आवेदन पत्र एक माह में अनिवार्य रूप से आॅंनलाईन पोर्टल (kviconline.gov.in) पर करायें-मुख्य विकास अधिकारी

 

ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यम की स्थापना हेतु यह योजना सार्थक एवं लाभप्रद

 

मुख्य विकास अधिकारी श्री शिपू गिरि ने बताया है कि उ0प्र0 खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उक्त योजना के अन्तर्गत उद्यम की स्थापना के लिए अधिकतम रू0-25.00 लाख तक का ऋण बैंकों के माध्यम से दिलाये जाने का प्राविधान है। योजनान्तर्गत सामान्य वर्ग के पुरूष लाभार्थियों को प्रोजेक्ट कास्ट का 25 प्रतिशत एवं आरक्षित वर्ग तथा महिला उद्यमियों को प्रोजेक्ट कास्ट का 35 प्रतिशत मार्जिनी-मनी अनुदान दिये जाने की व्यवस्था है। ग्रामीण क्षेत्र में उद्यम की स्थापना के उपरान्त 03 वर्ष तक 13 प्रतिशत अधिकतम ब्याज उपादान भी नियमानुसार लाभार्थी को प्राप्त हो सकेगा। उद्यम के 03 वर्ष सफलता पूर्वक संचालित होने के उपरान्त इकाई के विस्तार हेतु धनराशि रू0-1.00 करोड़ तक का द्वितीय ऋण भी प्राप्त किया जा सकेगा। उक्त द्वितीय ऋण पर भी 15 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य है।

स्पष्ट है, कि इस योजना में उद्यम की स्थापना करने वाले उद्यमियों को बहुत अधिक लाभ प्रदान किया जा रहा है, जिसके कारण उद्यम की सफलता की संभावनाएं काफी बढ़ गयी है। ग्रामीण क्षेत्र में उद्यम की स्थापना हेतु यह योजना काफी सार्थक एवं लाभप्रद है, परन्तु ग्रामीण जन की सहभागिता कम होने के कारण आशानुकुल आवेदन पत्र प्राप्त नहीं हो रहे हैं। उक्त योजना के अन्तर्गत आॅंनलाईन आवेदन किया जा रहा है तथा अनुदान प्राप्त होने की व्यवस्था भी आॅंनलाईन पोर्टल (kviconline.gov.in) पर होने के कारण यह योजना पूरी तरह पारदर्शी है। उन्होंने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने विकास खण्ड से कम से कम 50 ऋण आवेदन पत्र एक माह में अनिवार्य रूप से आॅंनलाईन पोर्टल (kviconline.gov.in) पर आवेदन करायें, ताकि ग्रामीण स्तर पर अधिकाधिक रोजगार सृजन कराया जा सके।