October 30, 2020

प्रदेश सरकार ने किसानो की सुविधा के दृष्टिगत एलान – अजय मिश्रा

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*प्रदेश सरकार ने किसानो की सुविधा के दृष्टिगत 3000 क्रय केंद्रों की संख्या को बढ़ाकर 4000 किया*

 

*ग्रेड ए के धान का समर्थन मूल्य रुपये 1888 प्रति कुंतल, जबकि सामान्य धान का समर्थन मूल्य रुपये 1868 प्रति कुंतल निर्धारित*

 

*1905 राइस मिलों का पंजीयन किया गया, जबकि 1736 राइस मिलों की जियो टैगिंग भी सम्पन्न*

 

*ई-उपार्जन पोर्टल पर 207280 किसानों का पंजीकृत*

 

उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानो की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए गत वर्ष में प्रस्तावित 3000 क्रय केंद्रों की संख्या को बढ़ाकर 4000 कर दिया है। प्रस्तावित 4000 केंद्रों के सापेक्ष 3118 क्रय केंद्र अभी तक अनुमोदित किये जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश में पंजिकृत सहकारी समितियों, मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटी, एफपीओ एवं एफपीसी के क्रय केंद्र भी खोला जाना प्रस्तावित है। यह जानकारी खाद्य आयुक्त, श्री मनीष चौहान ने आज यहां देते हुए बताया कि भारत सरकार द्वारा ग्रेड ए के धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर रुपये 1888 प्रति कुंतल, जबकि सामान्य धान का समर्थन मूल्य रुपये 1868 प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है।

 

श्री चौहान ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1171 क्रय केंद्र अनुमोदित किये जा चुके हैं। राइस मिलों का पंजीयन किया जा रहा है, अब तक 1905 राइस मिलों का पंजीयन किया जा चुका है, जबकि 1736 राइस मिलों की जियो टैगिंग भी करायी जा चुकी है। इसी प्रकार 188 भारतीय खाद्य निगम डिपो के सापेक्ष 170 डिपो की जियो टैगिंग हो चुकी है। उन्होंने बताया कि अभी तक ई-उपार्जन पोर्टल पर 207280 किसानों का पंजीयन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि गत 01 अक्टूबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में धान खरीद प्रारंभ हो गई है। अभी तक प्राप्त सूचना के आधार पर सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, कानपुर लखीमपुर खीरी एवं सीतापुर जनपदों के 10 क्रय केंद्रों पर 60 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है।

 

खाद्य आयुक्त ने बताया कि धान क्रय करने हेतु खाद्य विभाग द्वारा 3000 करोड़ रुपए, पीसीएफ द्वारा 1100 करोड़ रुपए, पीसीयू द्वारा 800 करोड़ रुपये तथा यूपीएसएस द्वारा 200 करोड़ रुपये का बैंक ऋण लिया जा रहा है। एसएससी, यूपी एग्रो एवं मंडी परिषद अपने वित्तीय संसाधनों से धन की व्यवस्था करेगी। उन्होंने बताया कि क्रय केंद्रों से राइस मिल तक धान प्रेषण हेतु तथा राइस मिलों से भारतीय खाद्य निगम डिपो तक कस्टम चावल के परिवर्तन हेतु हैंडलिंग तथा परिवहन ठेकेदारों की नियुक्ति ई टेंडर के माध्यम से की जा रही है।