January 18, 2021

पैदा हुई बेटी तो पत्नी को घर ले जाने से किया इन्कार

Spread the love

मीरजापुर । एक तरफ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा बुलंद किया जा रहा है, दूसरी तरफ आज भी दकियानूसी खयालात वालों की कमी नहीं है। पडऱी के चपगहना गांव निवासी महिला ने बेटी को जन्म दिया तो ससुरालियों ने उसको घर ले जाने से इन्कार कर दिया। कहा कि बेटे को जन्म दी होती तो उसकी धूमधाम से विदाई कराकर ले जाते, लेकिन उसने बेटी को जन्म दे दिया इसलिए नहीं ले आएंगे। कई बार ससुरालियों से विदाई कराने की गुहार लगाने के बावजूद जब वे नहीं ले गए तो महिला ने परिवार परामर्श केंद्र में न्याय की गुहार लगाई। इसकी जानकारी होने पर एएसपी सिटी संजय कुमार ने ससुरालियों को बुलाकर बेटी व बेटे में अंतर बताने को कहा है।

दीपनगर के कदौरा गांव निवासी आरती प्रजापति की शादी करीब दो साल पहले पडऱी गांव निवासी मोहन के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद जब आरती गर्भवती हो गई तो उसे मायके पहुंचा दिया गया। प्रसव के दौरान उसने एक बेटी को जन्म दिया। बेटी करीब एक साल की होने को है, लेकिन अभी तक ससुराली उसकी विदाई कराकर घर नहीं ले गए और न ही उससे मिलने आए। ससुरालियों का यह रवैया देखकर आरती ने उनको फोन कर विदाई न कराने का कारण पूछा। कई बार फोन कर कारण पूछती रही, लेकिन वे हर बार मामले को टालते रहे। उसने कारण बताने की जिद पकड़ ली तो बताया कि बेटी को जन्म दिया है इसलिए उसको नहीं ले जा रहे हैं। परिवार के लोगों ने पुलिस ने इस समस्या का हल निकलवाने की गुहार लगाई है।

आरती का मामला परिवार परामर्श केंद्र में आया है

आरती का मामला परिवार परामर्श केंद्र में आया है। ससुरालियों को मामले की जानकारी के लिए बुलाया गया है। दोनों पक्षों के सामने आने पर ही सच्चाई का पता चलेगा, फिलहाल उनके बीच उत्पन्न गलतफहमी को खत्म कराया जाएगा।

– संजय कुमार वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक नगर