पुरानी पेंशन बहाली मंच ने निकाला मशाल जुलूस

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वाराणसी 28 जनवरी 2019 ।कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच उत्तर प्रदेश के आह्वान पर पुरानी पेंशन बहाली हेतु हजारों की संख्या में शिक्षक कर्मचारी एवं अधिकारियों ने मशाल जुलूस संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से लहुराबीर चौराहा तक शाम 5:00 बजे निकाला ।मशाल जुलूस का नेतृत्व शशिकांत श्रीवास्तव जिला संयोजक एवं जिलाध्यक्ष श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा किया गया। मशाल जुलूस में प्राथमिक शिक्षक संघ ,माध्यमिक शिक्षक संघ ,जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ सिंचाई, कोषागार, लोक निर्माण विभाग, बोर्ड आफिस, बेसिक शिक्षा परिषद, जिला विद्यालय निरीक्षक, लेखपाल संघ, राजस्व संग्रह अमीन एवं अनुसेवक संघ, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ,मिनिस्ट्रीयल फेडरेशन ,श्रम ,सेवायोजन, आबकारी, चिटफंड , सूचना विभाग, चकबंदी, रजिस्टार कानूनगो, निबंधन लिपिक संघ, संभागीय परिवहन ,विकास प्रधिकरण, नगर निगम, जलकल विभाग, स्वास्थ्य विभाग ,मातृ शिशु महिला कल्याण पशुधन प्रसार अधिकारी संघ,लघुसिंचाई, आईटीआई, राज्य कर्मचारी महासंघ, बाल विकास पुष्टाहार विभाग, खाद एवं रसद विभाग, हिंदी संस्थान विभाग, उद्योग विभाग ,सहित तहसील एवं ब्लाक के संघों के पदाधिकारी शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित रहे, मशाल जुलूस में विशेष रूप से माननीय चेत नारायण सिंह शिक्षक नेता व सदस्य विधान परिषद एवं इंजीनियर हरि किशोर तिवारी,प्रदेश अध्यक्ष, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद एवं पुरानी पेंशन बहाली मंच के प्रदेश संयोजक ने प्रतिभाग किया मा. चेत नारायण सिंह जी ने कहा पुरानी पेंशन व्यवस्था हर हाल में शिक्षकों कर्मचारियों एवं अधिकारियों को मिलनी चाहिए इस आंदोलन को मेरा समर्थन है और मैं इसकी लड़ाई सदन के अंदर तक लड़ूंगा मेरी शुभकामनाएं हैं कि इनका संघर्ष सफल हो। इस अवसर पर इंजीनियर हरि किशोर तिवारी प्रदेश अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद एवं प्रदेश संयोजक कर्मचारी शिक्षक अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच ने कहा की किया यह मशाल जुलूस आंदोलन का द्वितीय चरण है प्रथम चरण में हम लोगों ने कई कार्यक्रम किए और अंततोगत्वा हमें 25 26 27 अक्टूबर को हड़ताल की घोषणा करनी पड़ी थी परंतु उत्तर प्रदेश के लोकप्रिय मुख्यमंत्री जिन्होंने सांसद रहते तत्कालीन सरकार के पूर्व प्रधानमंत्री माननीय मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर कहा था की नई पेंशन योजना कतई कर्मचारियों अधिकारियों एवं शिक्षकों के लिए हितकर नहीं है इसलिए हम सभी का विश्वास था की माननीय मुख्यमंत्री जी इसे गंभीरता से लेंगे इसी कारण उन्होंने एक कमेटी बनाई थी जिसमें हम लोगों को भी रखा गया था लेकिन कमेटी पुरानी पेंशन बाहाली व्यवस्था पर कोई गंभीर निर्णय नहीं कर पायी। जबकि माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने स्वयं 2 माह का समय मांगा था जो 24 दिसंबर 2018 को पूर्ण हो चुका उसके बाद भी हम लोगों ने 21 जनवरी को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय पर धरना व ज्ञापन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित किया उसके एक हफ्ते वाद ये मशाल जुलूस का कार्यक्रम रखा गया है और यदि पुनः सरकार गंभीरता से विचार करते हुए लागू नहीं करती है तो हमें 6 फरवरी से 12 फरवरी तक हड़ताल पर जाना होगा जिसकी सूचना दी जा चुकी है और हो सकता है 12 फरवरी से यह हड़ताल अनिश्चितकालीन में बदल सकती है इसमे जो धन जन की क्षति होगी, उसकी जिम्मेदारी शिक्षकों, अधिकारियों ,कर्मचारियों की नहीं बनती ,सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी। पुरानी पेंशन बहाली मंच के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने राज्य सरकार से पुरानी पेंशन बहाल किए जाने की मांग करते हुए कहा कि यह कहां का न्याय है की माननीय सांसद व विधायक पुरानी पेंशन व्यवस्था लेंगे और कर्मचारी शिक्षक अधिकारी 40 वर्षों की सेवा के बाद भी हकदार नहीं,हमारे वेतन से कटे धन को सरकार शेयर (जुआ) में लगाये।
जिला संयोजक शशिकांत श्रीवास्तव ने कहा की सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पुरानी पेंशन दिए जाने के निर्णय के बाद भी सरकार द्वारा विधेयक लाकर पुरानी पेंशन व्यवस्था को समाप्त कर नई पेंशन व्यवस्था लागू की गई, इससे सरकार की मानसिकता का पता चलता है कि सरकार शिक्षक अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति गम्भीर नही हैं, पेंशन हमारे वेतन का बचा हुआ अंस है कोई खैरात नहीं।दिवाकर द्विवेदी एवं सनत कुमार सिंह दो वरिष्ठ उपाध्यक्ष ने कहा की तत्कालीन सरकार माननीय पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को मा. योगी आदित्यनाथ जी ,मा.राजनाथ सिंह जी, महामहिम कल्याण सिंह जी आदि द्वारा पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल किए जाने हेतु लिखे गए पत्रों के आधार पर अपना वादा निभाना चाहिए। श्री श्याम राज यादव एवं कैलाश नाथ यादव जिला मंत्री क्रमश: राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद एवं प्राथमिक शिक्षक संघ
ने सरकार पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते पुरानी पेंशन व्यवस्था नहीं बहाल की गई तो इसके परिणाम भयावह होंगे, और इस टकराव का अंजाम सरकार के लिए आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर अच्छी खबर नहीं होगी। मशाल जुलूस में प्रमुख रूप से शशिकान्त श्रीवास्तव (जिला संयोजक ) , निर्मल शंकर श्रीवास्तव राजेश्वर पांडे (संरक्षक )दिवाकर द्विवेदी सनत कुमार सिंह (वरिष्ठ उपाध्यक्ष) श्याम राज यादव कैलाश नाथ सिंह यादव(मंत्री) अशोक कुमार श्रीवास्तव, शशांक शेखर पांडे, चंद्र किशोर श्रीवास्तव , यदु नाथ त्रिपाठी मदन मोहन श्रीवास्तव, सुनील कुमार चौधरी ,बैजनाथ मौर्य ,सुशील श्रीवास्तव , जितेंद्र सोनकर, ,आनंद श्री. ,ओम प्रकाश, ई.मनोज कुमार , दिनेश द्विवेदी ,सुरेन्द्र पांडेय,विरेन्द्र प्रताप सिंह , राजेश श्रीवास्तव ,गोविंद यादव ,अरविंद दुबे ,विश्वास पांडेय, विवेकानंद ,ज्योति भूषण त्रिपाठी मनोज कुमार प्रवीण वर्मा वाचस्पति मिश्रा कन्हैया यादव गीतांजलि उषा गौतम रामकृष्ण सिंह अतुल कुमार संजय श्रीवास्तव यशोवर्धन त्रिपाठी चंदन सिंह आदि हजारों की संख्या में शिक्षक अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया
शशिकांतश्रीवास्तवजिलासंयोजक
कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच, वाराणसी।

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