निर्भया के चारों दरिंदों अक्षय, विनय, मुकेश और पवन को फांसी देने की तैयारी जोरों पर

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देश ही दक्षिण एशिया की सबसे सुरक्षित तिहाड़ जेल में बंद निर्भया के चारों दरिंदों अक्षय, विनय, मुकेश और पवन को फांसी देने की तैयारी जोरों पर है। बताया जा रहा है कि क्यूरेटिव पेटिशन और राष्ट्रपति के पास दया याचिका देने के अलावा इन चारों दोषियों के पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचेगा। दोनों ओर से याचिका खारिज होने के बाद सभी चारों दोषियों को तिहाड़ जेल में फांसी दे दी जाएगी।

पहली बार एकसाथ चार लोगों को दी जाएगी फांसी
निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटकाने के दौरान यह पहला मौका होगा, जब एक साथ चार लोगों को तिहाड़ जेल में फांसी दी जाएगी। इससे पहले 1982 में रंगा-बिल्ला को एकसाथ फांसी दी गई थी। दोनों को एक ही तख्त पर फांसी दी गई थी।

एक ही तख्त पर दी जाएगी फांसी
तिहाड़ जेल प्रशासन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, चारों दोषियों विनय, मुकेश, पवन और अक्षय को एक साथ फांसी देने के लिए एक ही तख्त तैयार कर लिया गया है। पहले यहां पर दो ही लोगों को फांसी दिए जाने का इंतजाम था। तिहाड़ जेल प्रशासन ने तख्त की लंबाई बढ़ा दी है और सोमवार को ही पीडब्ल्यूडी ने यह काम पूरा किया है।
जेसीबी की मदद से हुई पूरी तैयारी
बताया जा रहा है कि तिहाड़ की जेल संख्या तीन में यह तख्त तैयार किया गया है। दरअसल, जेल में फांसी पर लटकाने के बाद उसके नीचे एक पर्याप्त मात्रा में गहराई होनी चाहिए, जिससे शव को उतारा जा सके। ऐसे में यहां पर गहरा गड्ढा करने के लिए जेसीबी की मदद भी ली गई है।
जनवरी के दूसरे सप्ताह में डाली जा सकती क्यूरेटिव पेटिशन
बताया जा रहा है कि छुट्टियों के बाद सुप्रीम कोर्ट के खुलते ही चारों दोषियों को क्यूरेटिव पेटिशन डालना होगा। दअसल, पिछली सुनवाई में कोर्ट ने एक दोषी अक्षय की पुनर्विचार याचिका खारिज करते हुए तीन सप्ताह के भीतर क्यूरेटिव याचिका दायर करने की बात कही थी। ऐसे में माना जा रहा है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में दोषियों की क्यूरेटिव पेटिशन डाली जाएगी। क्यूरेटिव पेटिशन और राष्ट्रपति के पास दया याचिका खारिज होने के बाद चारों का फांसी पर लटकना तय हो जाएगा।
बता दें कि 16 दिसंबर, 2012 को दिल्ली के वसंत विहार इलाके में चलती बस में चारों दोषियों अक्षय, पवन, विनय और मुकेश ने निर्भया के साथ दरिंदगी की थी। दिल्ली में हुए इस कृत्य से देश के साथ-साथ पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया था। इसके बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई सुनवाई में निचली अदालत के बाद दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी चारों की फांसी की सजा पर मुहर लगा चुका है।

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