January 19, 2022

नहान के पहले ही दिन एन.डी.आर.एफ. के जवानों द्वारा चार लोगों की जान बचाई गयी* ।

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नहान के पहले ही दिन एन.डी.आर.एफ. के जवानों द्वारा चार लोगों की जान बचाई गयी* ।

*जान बचने वालो में तीन महिलाएं और एक 18 वर्षीय युवक था*

कृष्ण मोहन उर्फ बग्गा

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कुम्भ प्रयागराज में इस महापर्व के पहले शाही स्नान के शुरुआती दौर में एन.डी.आर.एफ ने अपनी 12 टीमों के कुशल बचावकर्मियों को उच्चस्तर के बचाव उपकरणों के साथ सम्पूर्ण मेला क्षेत्र एवं प्रयागराज शहर में कुम्भ सफल बनाने के लिए एन.डी.आर.एफ. की कुल 12 टीमें तैनात हैं जो किसी भी आपदा से निपटने के लिए सक्षम हैं इन टीमों में वाटर इमरजेंसी, सी.बी.आर.एन. इमरजेंसी, ध्वस्त ढांचा खोज व बचाव के साथ-साथ खोजी डॉग स्क्वाड और प्राथमिक चिकित्सा टीम तैनात हैं जो कुम्भ को सुरक्षित और आपदामुक्त करने के अपनी प्रतिबद्धता में परस्पर तत्पर है |
कुम्भ के आदर्श वाक्य “भव्य कुम्भ सुरक्षित कुम्भ” को सार्थक करने को तत्पर एन.डी.आर.ऍफ़ ने अपने कौशल और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए कुम्भ के आगाज़ में ही मेला के सेक्टर 8 में एक 20 वर्षीय महिला विमला देवी पिता विनोद कुमार निवासी सोरांव, प्रयागराज के बहुमूल्य जीवन की रक्षा की |
14 जनवरी दोपहर लगभग 1330 बजे विमला देवी सेक्टर 8 के लार्ड कर्जन रेलवे पुल से फिसलकर गंगा नदी के गहरे पानी में गिर गयी और डूबने लगीं | गिरने के स्थान से थोड़ी दूरी पर मुस्तैद एन.डी.आर.एफ. की टीम ने लड़की को डूबते हुए देखा तो बिना समय गँवाए रेस्क्यू बोट की सहायता से घटनास्थल पर पहुंचकर गहरे पानी में डूब रही महिला को बचाने के लिए एन.डी.आर.एफ. टीम के रेस्कुएर्स ने रेस्क्यू बोट से गहरे पानी में छलांग लगा दी और डूब रही महिला को सकुशल बाहर निकाल लिया | तत्पश्चात पीड़ित को एन.डी.आर.एफ. मेडिकल बेस पर लाकर आपातकालीन जीवन रक्षक प्राथमिक उपचार दिया और उच्च चिकित्सा के लिए एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल में भर्ती कराया | जहाँ उसकी स्थिति अभी सामान्य है | पीड़ित के पिता ने बातचीत के दौरान बताया कि “ हम तो अपनी बच्ची के जिन्दा बचने की आस खो बैठे थे लेकिन तभी एन.डी.आर.एफ. ने बिना समय गँवाए हमारी बच्ची को बचा लिया यह कुम्भ का ही प्रताप है कि एन.डी.आर.एफ. के लोग हमारे लिए भगवान के दूत बनकर आये हैं, मैं इनका सदैव एहसानमंद रहूँगा”
एन.डी.आर.एफ कुम्भ के शुरू होते ही आपदा प्रबंधन और प्राथमिक चिकित्सा उपचार में पूरी कार्यकुशलता के साथ जुट गयी है जहाँ पूरे कुम्भ मेले में तैनात होकर कहीं किसी की डूबने से उसके प्राणों की रक्षा की, कहीं चोटिल और गश खाकर गिरने वाले लोगों की प्राथमिक चिकित्सा से उनके प्राणों की रक्षा की | कुम्भ मेले के सेक्टर 18 में 18 वर्षीय पलक त्रिपाठी, सेक्टर-3 में 50 वर्षीया महिला विमला देवी और सेक्टर 6 में 38 वर्षीय मुनेश देवी बेहोश होकर गिर गयीं थीं जिन्हें घाट के किनारे मौके पर तैनात एन.डी.आर.एफ. मेडिकल टीम ने प्राथमिक उपचार दिया |
इसी दौरान कुम्भ क्षेत्र में सेक्टर 16 के दिगंबर अखाड़ा में गैस सिलिंडर फटने से आग लग गयी थी वहीँ दूसरी तरफ सेक्टर 14 के अन्नपूर्णा मार्ग पर स्थित नाल्खेरा नगर खालसा में भी झोपड़ियों में भीषण आग लग गयी जहाँ एन.डी.आर.एफ. की टीमों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए घटनास्थल पर पहुँच कर लोगों को सुरक्षित किया और होने वाले नुक्सान को कम किया |
एन.डी.आर.ऍफ़ के लिए सच ही कहा गया है कि-
राष्ट्र बन्दना मानव सेवा, जिनके लहू में शामिल है |
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, हर मौसम के काबिल है ||