November 30, 2021

*दुनिया जानती है इस ख़बर में हुआ है मेरा ज़िक्र क्यों ? बदनीयत है जिसकी बुनियाद उस ख़बर से फ़िक्र क्यों ? – अखिलेश यादव

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*लखनऊ पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने कथित रूप से खनन घोटाले में नाम आने के उन्होंने टि्वटर का सहारा लेते हुए तंज कसा है। उन्होंने एक ट्वीट किया है, जिसमें लिखा है, ‘दुनिया जानती है इस ख़बर में हुआ है मेरा ज़िक्र क्यों ? बदनीयत है जिसकी बुनियाद उस ख़बर से फ़िक्र क्यों ? उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को टि्वटर पर एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें वह अपनी पत्नी डिंपल यादव और बच्चों के साथ बैठे हुए दिख रहे हैं। अखिलेश यादव के इस ट्वीट को सीबीआई जांच की रिपोर्ट्स को लेकर भाजपा पर तंज के रूप में देखा जा रहा है।

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Akhilesh Yadav

@yadavakhilesh
दुनिया जानती है इस ख़बर में हुआ है मेरा ज़िक्र क्यों
बदनीयत है जिसकी बुनियाद उस ख़बर से फ़िक्र क्यों
8:47 PM – Jan 8, 2019
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सूत्रों से प्राप्त जानकारी को आधार माने तो समाजवादी पार्टी के नेता के लिए सीबीआई ने सवालों की लिस्ट तैयार कर ली है। अखिलेश यादव जब मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने खनन मंत्रालय अपने पास ही रखा हुआ था। सीबीआई अधिकारियों का दावा है कि खनन घोटाले में अखिलेश यादव के शामिल होने के सबूत उनके पास हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो 22 अवैध खदान हैं, उनमें से 14 को अखिलेश यादव ने ही मंजूरी दी थी, इसके अलावा जितनी खदान हैं उन्हें गायत्री प्रसाद ने अनुमति दी थी।

ज्ञातव्य हो कि अवैध खनन मामले की जांच कर रही CBI ने सोमवार को दावा किया था कि मुख्यमंत्री रहते हुए अखिलेश यादव के कार्यालय ने एक ही दिन में 13 खनन पट्टों को मंजूरी दी थी। सीबीआई ने कहा कि अखिलेश यादव के पास कुछ समय के लिए खनन विभाग भी था और उन्होंने 14 खनन पट्टों को मंजूरी दी थी, जिसमें 13 पट्टों को 17 फरवरी 2013 को मंजूरी दी गई थी। ऐसा ई-टेंडरिंग प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए किया गया था। प्रकरण में सीबीआई ने दावा किया कि 2012 की ई-टेंडर नीति का उल्लंघन करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय से मंजूरी हासिल करने के बाद 17 फरवरी को हमीरपुर की जिलाधिकारी बी चंद्रकला ने खनन पट्टे दिये थे। उस नीति का 29 जनवरी 2013 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मंजूरी दी थी। सीबीआई ने समाजवादी पार्टी प्रमुख यादव की भूमिका का ब्योरा तब दिया जब उन्होंने और अन्य विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार पर राजनीतिक फायदे के लिये जांच एजेंसी का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

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