दिल्ली लॉक डाउन का असर।
आज दोपहर जब दिल्ली सीएम केजरीवाल ने कॅरोना के भयावहता के कारण 6 दिन के लॉक डाउन की घोषणा की, तो उन्हें मजदूरों और उनके परिवार के लोगो के पलायन का पूरा ज्ञान था। इसलिये उन्होंने अपील कि मजदूर दिल्ली न छोड़े ये छोटा लॉक डाउन है।
परंतु गरीब मजदूरों को सरकार पर कोई भरोसा नही है, इसलिए दोपहर से ही आनंद विहार – कौशाम्बी बस अड्डो पर भारी भीड़ यूपी और बिहार जाने के लिये इकठा हो गयी। लोग बिना किसी जानकारी के किसी भी बस में बैठकर जाने को उद्धत दिख रहे है। अपनी गृहस्थी को बोरो में बांध कर परिवार सहित लोग पलायन कर रहे है।
सीएम महोदय बस अपील कर अपने कर्त्तव्य की इतिश्री कर लिये। दिल्ली सरकार की ओर से न कोई अधिकारी या नेता गरीबो की सुध ले रहा था न ही गर्मी में तड़पते लोगो के लिये कोई छाया या पीने के लिये पानी की कोई व्यवस्था। सरकार तो शराब की भारी बिक्री से आने वाले धन से मुग्ध दिख रही थी।
सबसे अफसोसजनक बात है कि मेहनतकश लोगो का सरकार पर कोई भरोसा न होना है। भाषणों में नर सेवा नारायण सेवा का उपदेश देने वालो के लिये आत्म चिंतन का समय है।





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