January 19, 2022

दिल्ली में 59 बच्चियों को 6 घंटे तक स्कूल प्रशासन ने फीस के लिए बनाया बंधक

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दिल्ली के राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल में 5 से लेकर आठ साल की बच्चियों को फीस न जमा होने पर बंधक बनाने का मामला सामने आने पर दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया भी हैरान हैं। वहीं इस मामले में अब अरविंद केजरीवाल ने भी शिक्षा मंत्री सिसोदिया से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने एक ट्वीट कर कहा कि मैं ये सब जानकर बहुत हैरान हूं। जैसे ही मुझे इस बारे में कल पता चला मैंने अधिकारियों को इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई करने को कहा है।
राजधानी में सोमवार को एक पब्लिक स्कूल की प्राइमरी विंग में शर्मनाक वारदात सामने आई। पुरानी दिल्ली के बल्लीमारान स्थित राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल में 59 मासूम बच्चियों को उमस भरी गर्मी के बीच एक तहखाने में कैद रखा गया।

स्कूल संचालकों का आरोप था कि इन बच्चियों ने फीस जमा नहीं की है। दोपहर में बच्यिों को लेने पहुंचे परिजनों को इस कृत्य का पता चला। भूख-प्यास से तड़पती बच्चियों को देखकर परिजन बिफर गए और स्कूल के बाहर जमकर हंगामा किया। मामले पर पुलिस भी पहुंच गई। परिजनों की शिकायत पर मासूमों को बंधक बनाने और जेजे एक्ट की धारा 75 और आईपीसी की धारा 342 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, बल्लीमारान स्थित गली कासिम जान स्थित स्कूल की इस विंग में नर्सरी से 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई होती है। सोमवार सुबह 6:45 बजे नर्सरी और केजी कक्षा की बच्चियों को अभिभावक यहां छोड़ गए।


दोपहर करीब 12:30 बजे वे उन्हें लेने पहुंचे तो पता चला कि 59 बच्चियां अपनी क्लास में नहीं थीं। कर्मचारियों से पूछा गया तो पता चला कि फीस न चुकाने पर स्कूल की एचएम फरह दीबा खान के कहने पर इन बच्चियों को स्कूल के तहखाने में रखा गया है।
परिजनों वहां पहुंचे तो देखा कि बच्चियों को तहखाने जैसे कमरे में जमीन पर बिठाया हुआ था। वहां पंखा भी नहीं था। परिजनों का आरोप है कि कमरे की बाहर से कुंडी लगाई हुई थी। भूख व प्यास से चार और पांच साल की सभी बच्चियों की बुरी हालत थी।
परिजनों को देखकर बच्चियां रोने लगीं तो गुस्साए परिजनों ने एचएम से बातचीत का प्रयास किया। आरोप है कि उन्होंने स्टाफ से परिजनों को बाहर फिंकवाने की धमकी तक दे डाली।
एचएम का कहना था कि फीस जमा न करने वाले बच्चों को ही यहां रखा गया था। इसके बाद परिजनों ने खूब हंगामा किया। सूचना पर 1:05 बजे पुलिस पहुंच गई। सोमवार को 16 बच्चियों के परिजनों ने शिकायत पुलिस को दी थी, जो अब 59 पर पहुंच गई है
स्कूल प्रशासन ने अपनी सफाई में कहा कि जहां बच्चियों को रखा गया था, वह तहखाना नहीं एक्टिविटी रूम है। कमरे में हवा व लाइट की व्यवस्था है। बच्चियों को वहां क्यों रखा गया, इस पर स्कूल प्रशासन कोई जवाब नहीं दे पाया। कुछ परिजनों ने कहा कि उनकी एडवांस फीस जमा थी, इसके बावजूद उनकी बच्चियों को भी बंधक बनाकर रखा गया।

बच्चियों के परिजनों का कहना है कि स्कूल प्रशासन को फीस नहीं मिली थी तो उसने परिजनों को जानकारी क्यों नहीं दी। सुबह जब परिजन बच्चियों को ले गए थे तो उन्हें तभी लौटा देना चाहिए था। बच्चियों का नाम भी काटा जा सकता था, लेकिन स्कूल ने ऐसा नहीं किया। बच्चियों को भूखा-प्यासा तहखाने में बंद कर दिया गया। परिजनों ने मांग की है कि स्कूल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। हौजकाजी थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।