November 28, 2021

दस हज़ार मजदूरों को नजरअंदाज कर रही है सरकार : बाबूलाल मरांडी

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मधुबन के गेस्ट हाउस में बैठक के माध्यम से प्रथम मुख्यमंत्री सह जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी को मधुबन के डोली मजदूरों एवं मरांग बुरू साँवता सुसार बैसी नामक संस्था ने पाँच सूत्री स्मार पत्र सौंप कर मजदूरों के साथ ज्यादती से अवगत कराया। पीरटांड़ प्रमुख सिकंदर हेम्ब्रम एवं मरांग बुरू साँवता सुसार बैसी के अध्यक्ष नूनवा टुडू के नेतृत्व में 5-सूत्री मांगों के अनुसार, पारसनाथ पर्वत पर बाइक से यात्रियों की ढुलाई पर पूर्णतः रोक लगाई जाय एवं डोली मजदूरों के लिए विश्रामागार, चिकित्सा की उचित सुविधा, सस्ता भोजन की व्यवस्था तथा जिला प्रशासन के बीच समझौता के आधार पर मजदूरी दर में वृद्धि कराना है।
डोली मजदूरों की व्यथा सुनने के बाद जेवीएम सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने कहा कि मधुबन झारखंड के प्रमुख अभ्यारण्य में से एक माना जाता है। यहां सम्पूर्ण भारत से आने वाले जैन समुदाय के तीर्थयात्रियों की सेवा से गरीब मजदूरों का भरण पोषण होता है। मजदूरों की सभी माँगें जायज और न्यायसंगत है।यहां कार्यरत 10000 मजदूरों को स्थानीय जैन संस्था एवं सरकार नज़रअंदाज़ कर डोली मजदूरों को रोजगारविहीन करने पर उतारू है। मजदूरों के द्वारा दी गई स्मार पत्र के माध्यम से सभी संबंधित विभाग से बात कर सारी सुविधा उपलब्ध करवाने की कोशिश करूँगा।
इस बैठक में मुख्य रूप से जेवीएम के जिलाध्यक्ष महेश राम, केंद्रीय सदस्य शोभा यादव, जिला मीडिया प्रभारी राजेश जयसवाल, नगर अध्यक्ष नवीन सिन्हा, प्रखण्ड अध्यक्ष शमशाद आलम, उपाध्यक्ष शंकर सिंह, मधुबन पंचायत अध्यक्ष प्रदीप तुरी, अर्जुन हेम्ब्रम, मनोज मौर्या, अर्जुन मराण्डी आदि के साथ सैकड़ों डोली मजदूर उपस्थित थे।