October 19, 2021

डेंगू के डंक से शहर बेहाल, पस्त हुआ महकमा

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*डेंगू के डंक से शहर बेहाल, पस्त हुआ महकमा*

*नाकामियों को छुपाने में लगा स्वास्थ्य विभाग*

*डेंगू के मरीजों की संख्या लेकर विरोधाभास*

वाराणसी। जनपद में बढ़ते डेंगू के मरीजों की संख्या के बावजूद स्वास्थ्य महकमे के साथ ही जिला प्रशासन भी सुस्ती दिखा रहा है। वीआईपी क्षेत्रों को छोड़ कहीं भी फागिंग होती नही दिखाई दे रही है जबकि लगातार डेंगू के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो डेंगू के मरीजों की संख्या नगण्य नजर आती है। जबकि स्थिति ठीक विपरीत है। निजी लैब में आने वाले हर 5 मरीज में एक मे डेंगू के पॉजिटिव लक्षण पाये जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों से लगायत निजी चिकित्सालयों में बेड खाली नही हैं। विगत एक सप्ताह की रिपोर्ट को देखा जाए तो मात्र पं.दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में 88 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाये गए और दर्जनों मरीज अभी भी संदेह के घेरे में हैं। डेंगू पॉजिटिव कुछ मरीजों का इलाज चिकित्सालय में भर्ती कर अभी भी किया जा रहा है। जबकि हकीकत यह है कि जनपद में एक हजार से अधिक प्राइवेट लैब सीएमओ आफिस से पंजीकृत हैं और इन्हें भी अपने लैब की सूचना सीएमओ कार्यालय को देनी है कि कितने मरीजों के रक्त में डेंगू के लक्षण पाये गये। परन्तु स्वास्थ्य विभाग की शिथिलता के चलते प्राइवेट लैब इसकी सूचना उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो प्रत्येक लैब में मरीजों के रक्त की जांच में 10 में 4 मरीज डेंगू के पॉजिटिव पाये जा रहे हैं।

*डेंगू के ज्यादातर मरीज शहरी क्षेत्र के-डीएमओ*

जिला मलेरिया अधिकारी शरत चन्द त्रिपाठी ने काशीवार्ता प्रतिनिधि से बातचीत के दौरान बताया कि अभी तक जनपद में 97 लोग डेंगू एलाइजा जांच में पॉजिटिव पाये गए। जिसमें 52 मरीज शहरी क्षेत्र के 26 मरीज ग्रामीण क्षेत्र के व 9 मरीज अन्य जनपदों के हैं। कहा कि पूरे जनपद में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया जा रहा है। परन्तु कर्मचारियों की कमी के चलते इसमे तेजी नहीं आ पा रही है।

*97 डेंगू पॉजिटिव मरीज – सीएमओ*

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वी.बी.सिंह की मानें तो जनपद में अभी तक कुल 97 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है, जिनका इलाज चल रहा है। कहाकि ज्यादातर मामले शहरी क्षेत्रों के सामने आये है। जिनमे सर्वाधिक मामले पाण्डेयपुर व शिवपुर का हैं। श्री सिंह का कहना है कि निजी लैब वाले अपने लैब से सम्बंधित सूचना कार्यालय को प्रेषित करते हैं। ऐसे में प्रश्न ये उठता है पं दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय की 30 अगस्त से 21 सितंबर तक 356 मरीजों के रक्त की जांच में जब 88 मरीज और सर सुंदर लाल चिकित्सालय में 10 मरीज डेंगू पॉजिटिव पाये गये तो निजी चिकित्सालयों की जांच रिपोर्ट में डेंगू पॉजिटिव मरीजों की संख्या क्यों नहीं दर्शाई गई।

*डेंगू का बचाव फागिंग व दवा छिड़काव से नहीं साफ-सफाई से-सिद्धार्थ*

पं. दीनदयाल चिकित्सालय का निरीक्षण करने पंहुचे सिद्धार्थ नाथ सिंह से जब ‘काशीवार्ता’ प्रतिनिधि ने डेंगू रिपोर्ट की स्पष्ट जानकारी न देने की बात उठाई तो उन्होंने कहा कि डेंगू से बचाव दवा छिड़काव व फागिंग से नहीं होगा। इसके लिए जनता को स्वयं जागरूक होना होगा और अपने आस-पास सफाई रखनी होगी। तभी इससे बचाव किया जा सकता है। कहाकि डेंगू के लिए निजी पैथोलॉजी के लिए कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। मंत्री जी को इस बात का शायद अनुमान नहीं है कि जिस क्षेत्र में उन्होंने चिकित्सालय का निरीक्षण किया उस क्षेत्र में डेंगू ने महामारी की तरह पैर पसारना शुरू कर दिया है। पाण्डेयपुर, शिवपुर, महावीर मंदिर इलाके से ज्यादातर मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। महावीर मंदिर इलाके के टकटकपुर क्षेत्र के श्यामपुरी कालोनी निवासी अनिल पाण्डेय ने बताया कि उनके घर मे ही 8 लोग डेंगू से पीड़ित हैं, तथा पूरे इलाके में लगभग 50 लोग इस बीमारी से जूझ रहे हैं।