October 26, 2020

झारखंड- सिर्फ फाॅर्म बेच कर निजी स्कूल करेंगे 10 कराेड़ से अधिक की कमाई, इस बार घाटे काे पूरा करने के लिए जुड़ेगा कई मदाें में फीस- कौशिक

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झारखंड

नामांकन:सिर्फ फाॅर्म बेच कर निजी स्कूल करेंगे 10 कराेड़ से अधिक की कमाई, इस बार घाटे काे पूरा करने के लिए जुड़ेगा कई मदाें में फीस

एक फॉर्म की कमाई औसतन 200 रुपए से लेकर 225 रुपए तक

 

शहर के निजी स्कूलाें के इंट्री कक्षा में नामांकन की प्रक्रिया शुरू हाे गई है। कुछ स्कूलाें में आवेदन फाॅर्म भरे जा रहे हैं ताे कुछ में आने वाले दिनाें में फाॅर्म भरे जाएंगे। इसको लेकर फाॅर्म की कीमत भी निर्धारित कर दी है जाे 200 रुपए से लेकर 225 रुपए तक है। निजी स्कूलाें में नामांकन के समय बच्चाें से अलग-अलग मद में हजाराें रुपए फीस के रूप में वसूलते हैं और इसकी शुरुआत नामांकन शुल्क से ही है। आंकड़े पर नजर डालें ताे शहर के निजी स्कूल सिर्फ फाॅर्म बेचकर ही करीब 10 कराेड़ रुपए की कमाई करेंगे।

इस बार निजी स्कूलाें में फाॅर्म की कीमत में 50 से 100 रुपए तक की बढ़ाेतरी की है। हालांकि, यह बढ़ाेतरी क्याें की गई है। यह स्कूल नहीं बता रहे हैं। अब तक अधिकतर स्कूल ऑफलाइन फाॅर्म देते थे। इसकी छपाई में पैसे खर्च हाेते थे। लेकिन काेविड की वजह से इस बार अधिकतर स्कूलाें में आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही पूरी हाेगी। ऐसे में स्कूलाें ने छपाई का खर्च भी बचा लिया है। फिर फाॅर्म की कीमत बढ़ाने पर सवाल उठ रहा है।

समझें स्कूलाें के कमाई का आंकड़ा

शहर में करीब 70 बड़े निजी स्कूूल हैं, जिसमें करीब 8500 सीट इंट्री कक्षा में है। वहीं फाॅर्म की कीमत औसत 200 रुपए है। इन सीटाें पर नामांकन के लिए पिछले 5 वर्षाें के ट्रेंड पर नजर डालें ताे करीब 50 से 55 हजार के बीच फाॅर्म भरे जाते हैं। मान लें अगर इस बार भी करीब 50 हजार ही फाॅर्म भरा गया ताे करीब 10 कराेड़ रुपए की कमाई सिर्फ निजी स्कूलाें काे इंट्री कक्षा के फाॅर्म बेचने से हाे जाएगी। इसके अलावा कई स्कूलाें में इंट्री कक्षा के साथ ही उसके ऊपर की कक्षाओं में नामांकन के लिए भी फाॅर्म भरने की तिथि घाेषित की गई है ऐसे में यह कमाई अलग से हाेगी।

निजी स्कूल हर मद में फीस वसूलते हैं। निजी स्कूल हर मद में

निजी स्कूल हर मद में फीस वसूलते हैं। इसकी शुरुआत आवेदन शुल्क के साथ हाेती है। इसी से ही कराेड़ाें की कमाई हाेती है। जबकि इसमें खर्च न के बराबर है। इसके बाद नामांकन व ट्यूशन शुल्क लेंगे और फिर ड्रेस व किताब के रूप में बड़ी राशि वसूली जाएगी। लाॅकडाउन के बीच भी आवेदन शुल्क में बढ़ाेतरी कहा का न्याय है। लेकिन निजी स्कूलाें काे इससे काेई फर्क नहीं पढ़ता।

-अंकित आनंद, प्रमुख, शिक्षा सत्याग्रह