May 24, 2022

घिनौने कार्य तथा अवैध कार्य के मामले का उजागर होने के बावजूद भी अधिकारियों के कानों में नहीं रेंगती जू- अमित कुमार प्रजापति

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*घिनौने कार्य तथा अवैध कार्य के मामले का उजागर होने के बावजूद भी अधिकारियों के कानों में नहीं रेंगती जू*

 

*दिनदहाड़े फर्जी मेडिकल स्टोर में संचालक द्वारा चलाया जाता था जिस्मफरोशी का धंधा*

 

*सोशल मीडिया में वायरल हुआ था जिस्मफरोशी के गोरखधंधे का वीडियो*

 

*फतेहपुर* उत्तर प्रदेश में एक दौर होता था कि संविधान के चौथे स्तंभ यानी मीडिया द्वारा प्रकाशित मामलों में शासन प्रशासन तुरंत संज्ञान में लेकर संबंधित मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने पर बाध्य होता था परंतु आज का दौर ऐसा है कि संविधान के चौथे स्तंभ द्वारा सत्यता को प्रकाश में लाने के बावजूद शासन व प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारियों के कानों में जूं तक नहीं रेंगती फिर चाहे वह जनपद में जिस्मफरोशी के गोरखधंधे का मामला हो या फिर अवैध खनन का मामला या फिर रिश्वतखोरी का मामला हो शासन प्रशासन के अधिकारी व कर्मचारी मात्र अपनी कुर्सी बचाए हुए बैठे उन्हें भी इस बात का डर रहता है कि कहीं ना कहीं हर गैर कानूनी कार्य करने वालों के पीछे या तो राजनैतिक आशीर्वाद प्राप्त होता है या फिर पैसों के दम पर ऐसे कार्य किए व करवाए जाते हैं *वही अभी कुछ दिनों पूर्व जखनी गांव में एक फर्जी मेडिकल स्टोर में जिस्मफरोशी के गोरखधंधे को स्वयं मेडिकल स्टोर संचालक द्वारा इस काम को अंजाम दिया जा रहा था इस मामले का उजागर होने के बावजूद भी सोशल मीडिया में वीडियो वायरल होने के बाद भी पुलिस प्रशासन तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी व कर्मचारी आज भी मौन धारण किए बैठे वही मेडिकल स्टोर संचालक अशोक कुमार मौर्या द्वारा पिछले लंबे समय से मेडिकल स्टोर के आड़ में जिस्मफरोशी के गोरखधंधे को अंजाम दिया जाता था जनपद तथा गैर जनपदों से जिस्म की बोली लगने वाली लड़कियों को अपने मेडिकल स्टोर में बुलाकर उनकी बोली लगने के बाद रकम की हक़अदायी होते ही मेडिकल स्टोर के अंदर बने गुप्त दरवाजे के पीछे एक कमरे में लड़कियों के चीर हरण का कार्य मनचलों द्वारा किया जाता था जिस बात की रकम स्वयं मेडिकल स्टोर संचालक अपने पास लेकर ऐसे घिनौने कार्य को अंजाम देता था परंतु सोशल मीडिया में तथा प्रिंट मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में खबर प्रमुखता से दिखाने के बाद भी आज तक कोई भी प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसर ऐसी जगह में जांच करने तक नहीं गए इससे यह साफ जाहिर होता है कि मेडिकल स्टोर संचालक को एक सत्ता पक्ष के बाहुबली का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त है और कहीं ना कहीं प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के ऊपर यह आशीर्वाद भारी पड़ रहा है तभी जिम्मेदार अफसर ऐसे घिनौने कार्य करने वाले संचालक के ऊपर कार्यवाही करने में पूरी तरीके विफल साबित हो रहे हैं और जिन्होंने काम को अंजाम देने वाले संचालक का हौसला बुलंद है फर्जी मेडिकल स्टोर प्रतिदिन संचालित किया जा रहा है!*