October 20, 2021

गुडियों को बचाने हेतु गुड़िया संकल्पित

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संपादक की कलम से

वाराणसी : गुड़िया संस्था के निदेशक और संस्थापक अजीत सिंह से एक खास मुलाकात यादों के झरोखों से ……
‘ देह व्यापार में लिप्त एक महिला जब समारोह में नाच रही थी और लोग उसे देख अजीब-अजीब बातें बोल रहे थे और गन्दे इशारे कर रहे थे तो हमे अच्छा नहीं लगा …..
उस समय हमारी उम्र 17 वर्ष की थी वह दृष्य उन लोगों के शब्द हमें अन्दर तक झकझोर दिया । उसी दिन हमने ठान लिया कि इस तरह की महिलाओं को वह देह व्यापार जैसे नरक से बाहर निकालेंगे ।
अजीत सिंह ने खुद से वादा किया कि वह एक ऐसी संस्था बनाएंगे जहां गुड़िया को खेलकर फेंकने नहीं दिया जाएगा , बल्कि उन्हें भी सबकी तरह सम्मान से जीने का अधिकार दिया जाएगा ।
तीन दशक पहले अजीत सिंह ने गुड़िया संस्था की स्थापन
की थी । पिछले लगभग 19 वर्ष से भोपाल में बेड़िया जाति के लोगों के बीच करार गांव में अजीत आश्रम बनाकर
रह रहे हैं । यह गांव परंपरागत देह व्यापार पीढ़ियों से करता आ रहा है । यहां की तीन बेटीयां नेशनल लेवल पर किक बाक्सिंग में खेल रही हैं । अजीत सिंह ने यह भी बताया कि 1992 में शिवदासपुरा रेड लाइट एरिया में आकर देह व्यापार में लिप्त महिलाओं के बच्चों को एक पेड़ के नीचे पढ़ाने लगे । एक दिन वहां पर पुलिस का छापा पड़ा । अफरा-तफरी में एक बच्ची कुएं में गिर गई । मुझे तैरने नहीं आता था फिर भी कुएं में कूद गया । लगभग एक साल पहले एक ही दिन में इलाहाबाद के मीरगंज में 61 कोठे गुड़िया ने सीज कराया ।
उनके कार्य को देखते हुए हाल ही में कौन बनेगा करोड़पति में उन्हें आमंत्रित किया गया और शो में 12.5 लाख जीतने के साथ सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने व्यक्तिगत तौर पर भी मदद की पेशकश की है । अजीत सिंह को इससे पहले प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी पुरस्कृत कर चुके हैं ।
सेक्स ट्रैफिकिंग के मुद्दे पर गुड़िया संस्था के निदेशक और संस्थापक अजीत सिंह ” गुड़िया पायनियर ” बन चुके है । अजीत सिंह की पत्नी सांत्वना भी उनके साथ कदम से कदम मिलाकर सहयोग करती है ।