January 23, 2021

गंगा घाट पर धारा 144 लागू, नदी में बिना लाइफ जैकेट के धड़ल्‍ले से सफर जारी

Spread the love

वाराणसी । जिला प्रशासन की ओर से सोमवार को नाव हादसे में 4 लोगों के जान गंवाने के बाद सक्रियता से नियम कायदों की लिस्‍ट तो जारी हुई लेकिन उसका अनुपालन बाकी है। कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान बंद नौका संचालन के बाद बाढ़ में भी नौका संचालन बंद रहा। अब बीते बीते सोमवार को हादसे में चार मौतों के बाद प्रशासन ही नहीं बल्कि नाविक भी सजग हो रहे हैं।

 

अब पर्यटन सीजन के साथ गंगा में लहरों पर सवारी के साथ ही नियम कायदों को भी ताख पर रख दिया गया है। गुरुवार को जिला प्रशासन ने नौका संचालन पर सख्‍ती बरतते हुए कई फैसले लिए जिनमें नावों पर लाइफ जैकेट और धारा 144 का पालन अनिवार्य किया गया था। शुक्रवार की सुबह से ही नौका संचालकों ने इन नियम कायदों को ताख पर रखकर सवारी भरना शुरू कर दिया।गंगा में शुक्रवार को नियम कायदों को धता बताते हुए नौकाएं उतरीं, लाइफ जैकेट कुछ ही नौकाओं पर नजर आया तो ओवर लोडिंग भी धड़ल्‍ले से होती रही। डीएम की ओर से जारी आदेश का मौके पर जरा भी पालन होता कहीं नजर नहीं आया। शुक्रवार को भी ज्यादातर नौकाएं बिना लाईफ जैकेट सपोर्ट के ही चलती नजर आईं।

 

सिर्फ इक्का – दुक्का नावों में ही लाइफ जैकेट का इस्तेमाल होता रहा। घाट से घाट या इस पार से उस पार जाने वालों के लिए सुरक्षा का कहीं भी पालन नहीं दिखा। जल पुलिस भी इस दौरान मूक दर्शक की भूमिका में नजर आयी और लोग घाटों पर भी धारा 144 का मखौल उड़ाते हुए तफरीह करते नजर आए।

 

नौका संचालकों में चिंता संग जिम्‍मेदारी भी

असी घाट किनारे के नाविक पप्पू सबसे कह रहे हैं कि कम संख्या में बैठाओ। शांति से कमाएंगे। पर्यटकों का जीवन सुरक्षित रहेगा तो हम भी सुरक्षित रहेंगे। हादसे के बाद हम लोगों ने दो-तीन दिनों तक नाव नहीं चलाई। तीन नाव दो स्टीमर और एक बजड़ा के मालिक दीपक कुमार साहनी कहते हैं कि हर नाव पर दो से तीन जैकेट हैंं। हालांकि, लाइफ गार्ड ट्यूब एक है, अभी संख्या कम है लेकिन जल्द ही बंदोबस्त कर लेंगे। वहीं बैजनाथ मांझी अपनी नाव पर लाइफ जैकेट के साथ बैठे हैं। कहते हैं कि नाव हादसे से बाद पर्यटकों की संख्या घटी है। हम लोग रक्षा के लिए जैकेट रखे हैं।काजू मांझी का कहना है लोग कम हो गए, मैं सबसे कह रहा हूँ कि एक दिन मत कमाओ लेकिन लाइफ जैकेट रिंग लाइफ गार्ड खरीद कर ले आओ। बैजनाथ मांझी अपनी नाव पर लाइफ जैकेट के साथ बैठे हैं। कहते हैं कि नाव हादसे से बाद पर्यटकों की संख्या घटी है। हम लोग रक्षा के लिए जैकेट रखे हैं। दीपक साहनी बोट पर वर्ष 2018 में पीएम मोदी संग फ्रांस के राष्‍ट्रपति इमैनुअल मैक्रां को नाव चलाकर दशाश्वमेध घाट लाए थे। वह बताते हैंं कि पर्यटन को गति देने के लिए सुरक्षा और सतर्कता भी जरूरी है। भरत मांझी का कहना है लोग कम हो गए मैं सबसे कह रहा हूँ कि एक दिन मत कमाओ लेकिन लाइफ जैकेट रिंग लाइफ गार्ड खरौद कर ले आओ।