May 28, 2022

क्यों कटे 10 MLA के टिकट? 11 सीटों पर क्या है रणनीति?

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क्यों कटे 10 MLA के टिकट? 11 सीटों पर क्या है रणनीति? देखें पूरा विश्लेषण

 

 

 

 

देहरादून. बीजेपी ने कांग्रेस पर बढ़त बनाते हुए गुरुवार को उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए 70 में से 59 सीटों पर अपने कैंडिडेट घोषित किए, जिसमें 10 सिटिंग विधायकों का टिकट कट गया. 5 सीटों पर महिला, 15 सीटों पर ब्राह्मण व तीन सीटों पर वैश्य समाज के प्रति​निधियों को टिकट दिया गया. चौंकाने वाली बात ये ही रही कि टिकट की उम्मीद में विधायकी छोड़कर कांग्रेस से बीजेपी में आए राजकुमार का पत्ता एक घंटे पहले ही साफ हो गया. कांग्रेस व अन्य पार्टियों से आए कुछ और नेताओं की लॉटरी लग भी गई. पहली लिस्ट से क्या कुछ खुलासे हुए और किन वजहों से? विश्लेषण क्या बताता है?

 

 

पार्टी ने 12 बजे पुरोला से कांग्रेस नेता दुर्गेश्वर लाल को बीजेपी जॉइन करवाई और दो बजे उन्हें कैंडिडेट भी घोषित कर दिया गया. पुअर परफॉर्मेंस और एंटी इनकंबेंसी के चलते दस विधायकों पौड़ी से मुकेश कोली, खानपुर से कुंवर प्रणव चैंपियन, कर्णप्रयाग से सुरेंद्र सिंह नेगी, थराली से मुन्नी देवी, अल्मोड़ा से डिप्टी स्पीकर रघुनाथ सिंह चौहान, गंगोलीहाट से मीना गंगोला, यमकेश्वर से पूर्व सीएम बीसी खंडूरी की बेटी ऋृतु खंडूरी, कपकोट से बलवंत सिंह भौर्याल, द्वाराहाट से महेश नेगी और काशीपुर से हरभजन सिंह चीमा का टिकट काट दिया गया.

 

 

 

टिकट के पीछे क्या रही सोच?

2017 में पार्टी ने पांच महिलाओं को टिकट दिया था, तो इस बार छह महिला कैंडिडेट मैदान में उतारे. देहरादून कैंट में भी दिवंगत विधायक हरबंश कपूर की जगह तमाम दावेदारों को पीछे छोड़ बीजेपी ने उनकी पत्नी को टिकट दिया. राजपुर सीट पर पार्टी ने कई दावेदार टटोले, लेकिन अंत में सिटिंग विधायक खजानदास पर ही भरोसा जताया. पार्टी ने एक परिवार एक टिकट के सिद्वांत को फिलहाल बरकरार रखा. 11 सीटों पर अभी टिकट फाइनल होना बाकी है, माना जा रहा है कि इन सीटों पर पार्टी वेट एंड वॉच की रणनीति अपना रही है.

 

कांग्रेसियों और निर्दलीयों की भी लगी लॉटरी

बीजेपी की लिस्ट में ऐसे नाम भी शामिल हैं, जो या तो कांग्रेस से आए हैं या पहले निर्दलीय थे. नैनीताल ज़िले की भीमताल सीट से 2017 में निर्दलीय विधायक बने राम सिंह कैड़ा कुछ दिन पहले बीजेपी में आए थे और पार्टी ने उन्हें टिकट दिया. जबकि दो दिन पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक सरिता आर्या को टिकट दिया गया. इसी तरह से कांग्रेस छोड़कर आए दुर्गेश्वर लाल को भी उम्मीदवार बनाया गया.