January 19, 2021

किसान आंदोलन के बीच हरियाणा में हुए निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी और जेजेपी गठबंधन को बड़ा झटका लगा- अजय मिश्रा

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चंडीगढ़:

 

किसान आंदोलन के बीच हरियाणा में हुए निकाय चुनाव में सत्तारूढ़ बीजेपी और जेजेपी गठबंधन को बड़ा झटका लगा है.

अंबाला, पंचकूला और सोनीपत में महापौर (मेयर) के लिए हुए चुनाव में बीजेपी और जेजेपी गठबंधन को सिर्फ एक जगह ही कामयाबी मिल सकी.

बीजेपी सिर्फ़ पंचकूला सीट जीती.

वहीं सोनीपत में कांग्रेस और अंबाला में हरियाणा जन चेतना पार्टी ने कब्जा जमाया. यह पहला मौका था कि तीन शहरों में महापौर पदों के लिए प्रत्यक्ष चुनाव हुए थे. दो साल पहले हरियाणा के पांच शहरों में महापौर चुनावों में बीजेपी को जीत मिली थी.

बीजेपी ने 2018 में हिसार, करनाल, पानीपत, रोहतक और यमुनानगर में महापौर के चुनाव जीते थे.

अंबाला में महापौर पद के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस बागी पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा की पत्नी और हरियाणा जन चेतना पार्टी (एचजेसीपी) की उम्मीदवार शक्ति रानी शर्मा विजयी रहीं. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार वंदना शर्मा को 8,084 मतों से हराया. कांग्रेस उम्मीदवार चौथे स्थान पर रहे.

बीजेपी के कुलभूषण गोयल पंचकूला में नए महापौर होंगे. उन्होंने कांग्रेस की उपिंदर कौर अहलूवालिया को 2,057 वोटों से हराया.

पंचकूला में 1,333 मतदाताओं ने नोटा विकल्प का प्रयोग किया. सोनीपत में कांग्रेस ने महापौर का चुनाव जीता. पार्टी के निखिल मदान ने बीजेपी के ललित बत्रा को 13,818 मतों से पराजित किया.