November 28, 2021

कालीन निर्यातकों में काफ़ी उत्साह व खुशी देखी गई हैं

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23 अक्टूबर 2018 ,
मंगलवार , वाराणसी :
संपादक की कलम से :
कालीन एक्स्पो में विदेशी बायरों ने भारतीय कालीन की बारिकियां देखीं ही नहीं बल्कि करोड़ों रुपयों के खरीद के बारे में निर्यातकों से जानकारी ली । इससे निर्यातकों में काफी उत्साह व खुशी देखी गयी है । बड़ालालपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल में कालीन एक्स्पो के दूसरे दिन सोमवार को अमेरिका , जापान ,कनाडा , ग्रीस , जर्मनी आदि देशों के बायरों ने नये उत्पादों के साथ ही भदोही , मिर्जापुर में बनी कालीन की डिजाइनों को भी परखा । इस कालीन मेले में अनेक बायर्स नमूने के तौर पर कुछ कालीनों की खरीददारीभी की । अधिकतर बायर्स सभी स्टालों पर घूमकर कालीन की खूबसूरती
देखा और अपनी आवश्यकतानुसार आर्डर भी दिया । विश्व में कुल निर्यात होने वाले कालीन का 35 प्रतिशत हिस्सा भारत से जाता है और निर्यात होने वाले भारतीय कालीन में 60 प्रतिशत उत्तर प्रदेश से माल जाता है । इस निर्यात में भदोही , मिर्जापुर एवं वाराणसी के आस-पास का क्षेत्र प्रमुख है । भदोही की हस्तनिर्मित विश्व प्रसिद्ध कालीन की खूबसूरती को पूरी दुनिया पसंद करती है । यही कारण है कि सोमवार को लगभग तीन सौ विदेशी एवं सवा सौ भारतीय प्रतिनिधि आयातकों ने इस कालीन एक्स्पो में अपनी उपस्थित दर्ज करायी । इस कालीन मेले में कालीन निर्यातकों एवं खरीददारों के बीच डिजाइन और उत्पादों पर चर्चा हुई । वहीं कालीन निर्यातकों ने भी विभिन्न देशो के ग्राहकों के अनुसार कालीन स्टाँक में रखा है । यूएस के लिए जहां हल्के रंगों का प्रयोग नजर आया वहीं अरब देशों के लिए चटख और उभरे रंगों पर ध्यान दिया गया है । कालीनों को उनकी डिजाइनों के नाम से जाना जाता है । ये नाम ज्यादातर ईरानी होते है । लेकिन भारतीय कालीन निर्यातकों ने मोदी कलेक्शन के नाम से ही कालीन बेच रहे है । इन कालीनों के टैग पर बकायदा मोदी नाम लिखा है ।