November 28, 2021

*एक डॉक्टर के भरोसे चल रहा है क्षेत्र का नगरीय स्वास्थ केंद्र* ।।

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वाराणसी : पीएम मोदी के संसंदीय क्षेत्र वाराणसी में एक ऐसा भी नगरीय स्वास्थ्य केंद्र है।जो प्राइवेट अस्पताल के नाम पर चल रहा है।वाराणसी के हूकुलगंज में लगभग 6 माह पुर्व क्षेत्रीय पार्षद द्वारा नगरीय स्वास्थ केन्द्र का उद्घाटन किया गया था।गरीबों के लिए खुले इस अस्पताल में आज तक ना तो डाक्टर समय से आते है,और ना ही कोई कर्मचारी समय पर पहुंचते है।और तो और इस नगरीय स्वास्थ केन्द्र के बाहर प्राइवेट अस्पताल के नाम का बैनर लगा हुआ है।यहां के अधिक क्षेत्रीय लोगों के साथ – साथ दुर दराज से आने वाले लोगों को भी नही पता चल पाता की यहाँ पर नगरीय स्वास्थ केन्द्र है।

वही घंटों से इंतजार कर रहे,मरीजों का कहना है,कि ऐसा पहली बार नही है,कि जब डाक्टर और कर्मचारी समय पर नहीं आए है। बल्कि ये रोज की कहानी है, घंटो इंतजार करने के बाद डाक्टर और कर्मचारी आते है।और यहां पर आए हुए मरीजों के साथ कर्मचारियों का बर्ताव भी अपेक्षित नही रहता है।और ना तो समय पर दवाइयां उपलब्ध हो पाती है।जिसके कारण यहाँ पर आए मरीज वापस लौटने पर मजबुर हो जाते है।

वही मरीजों को घंटों इंतजार कराकर अस्पताल मे पहुंची डाक्टर प्रीति यादव ने सफाई देते हुए कहा की मेरा स्कुल भी है,और अपने कुछ निजी कार्यो को करने के कारण आने में विलम्ब हुआ।डाक्टर साहिबा ने मरीजों के आरोप को झुठा बताया। साथ ही डाक्टर प्रीति यादव ने यह भी कहा की इस स्वास्थ केद्र में महिला कर्मचारीयों का अभाव है।क्योकि यहा पर केवल मैं ही परमानेन्ट हुं।और ग्यारह कर्मचारी संविदा पर है।जो भी कर्मचारी है,सब पुरूष है,और एक ही महिला ऐनम है।स्वास्थ केद्र मे महिला कर्मचारियों की मांग अधिकारीयों से की गयी थी।परंतु अभी तक महिला कर्मचारियों की नियुक्ति नही हुयी है।जिसके कारण महिला मरीजों को वापस लौटना पड़ता है।

इस बात पर जब क्षेत्रीय पार्षद ब्रजेश श्रीवास्तव से पुछा गया तो उनका कहना था, कि इसमें सबसे बड़ी लापरवाही प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के उच्च अधिकारियों की है।जब हमारी सीएमओ से बात हुई थी ,तो उन्होंने स्वास्थ केन्द्र का बोर्ड जल्द लगवाने का आश्वासन दिया था।परंतु आज तक निजी अस्पताल के नाम पर ही स्वास्थ केन्द्र चल रहा है।सभासद ने स्वास्थ केन्द्र की बड़ी लापरवाही बताते हुए,कहा की सोलह हज़ार पांच सौ रुपये यहाँ का किराया दिया जाता है।और यहां पर दवाओं की भी कमी है।और गरीबों को किसी तरह की कोई बुनियादी सुविधाएं नही मिल पाती है।सभासद ने कहाँ इससे सम्बंधित अधिकारीयों पर कार्यवाही होनी चाहिए।

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