May 25, 2022

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है की एससी / एसटी अधिनियम की धारा 156 (3) की अर्जी पर मजिस्ट्रेट को कार्रवाई करने का नहीं है अधिकार- मनोज गुप्ता

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*इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है की एससी / एसटी अधिनियम की धारा 156 (3) की अर्जी पर मजिस्ट्रेट को कार्रवाई करने का नहीं है अधिकार* ……..

 

*धारा 14 (1) के तहत ही विशेष अदालत को कार्रवाई करने का है अधिकार* ……..

 

*हाईकोर्ट ने कहा कि विशेष अदालत को भी नियम 5 (1) के तहत शिकायत को शिकायत प्रकरण मानकर सुनवाई करने का नहीं है अधिकार*……..

 

*कोर्ट ने ऐसे मामले … जिनमें मजिस्ट्रेट या विशेष अदालत ने इस्तगासा मानकर कार्रवाई की थी ….. विधि के विपरीत करार देते हुए कर दिया रद्द* …….

 

*अदालत ने शिकायतकर्ता से कहा कि वे संबंधित एसएचओ से शिकायत कर एफआईआर कराएं दर्ज* ……..

 

*कोर्ट ने कहा जिले के एसपी से भी की जा सकती है शिकायत* ……..

 

*कोर्ट ने कहा सीधे विशेष अदालत को आपराधिक केस कायम कर कार्रवाई करने का नहीं है अधिकार* ……..

 

*न्यायमूर्ति गौतम चौधरी ने सोनभद्र की सोनी देवी सहित विभिन्न जिलों की छह याचिकाओं को निस्तारित करते हुए दिया यह आदेश*……….

 

*याची का कहना था कि मजिस्ट्रेट को शिकायतकर्ता एससी – एसटी की अर्जी पर कंप्लेंट केस दर्ज कर सम्मन जारी करने का नहीं है अधिकार इसलिए रद्द किया जाए केस*……..

 

*याचियों पर अनुसूचित जाति के लोगों के साथ मारपीट …..झगड़ा करने….. उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने का है आरोप* …….

 

*शिकायतकर्ता की एफआईआर नहीं की गई दर्ज…. तो उन्होंने मजिस्ट्रेट की अदालत में दी अर्जी* ………

 

*इसमें आपराधिक केस कायम करके की गई कार्रवाई …… इसकी वैधता को दी गई थी चुनौती* …….

 

*कोर्ट ने कहा विशेष कानून के कारण दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 190 के मजिस्ट्रेट को मिले अधिकार अपने आप हो जायेगा समाप्त……. विशेष कानून के लागू होंगे उपबंध* …….