May 25, 2022

इमरान के मुंह से भारत की तारीफ बर्दाश्त नहीं कर सकीं मरियम, बोलीं- इतना ही पसंद है तो वहीं शिफ्ट हो जाओ-

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इमरान के मुंह से भारत की तारीफ बर्दाश्त नहीं कर सकीं मरियम, बोलीं- इतना ही पसंद है तो वहीं शिफ्ट हो जाओ

 

 

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में जब से इमरान खान की कुर्सी खतरे में आई है, तब से वह भारत की तारीफों के पुल बांधने लगे हैं. पहले उन्होंने 27 मार्च को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने के लिए भारत की तारीफ की थी. फिर उन्होंने 8 अप्रैल को पाकिस्तानी आवाम के नाम अपने संदेश में दोबारा भारत की विदेश नीति को दिल खोलकर सराहा.

 

देश को संबोधित करते हुए इमरान खान ने कहा कि दुनिया के किसी देश में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह भारत को बताए कि रूस को लेकर उनकी क्या पॉलिसी होनी चाहिए. भारत एक खुद्दार कौम है, किसी सुपर पावर की हैसियत नहीं है कि वे भारत के खिलाफ कुछ करें. आरएसएस और कश्मीर के कारण हमारे संबंध खराब हैं, लेकिन मैं भी अपने लोगों के लिए यही स्थिति चाहता हूं.

 

मरियम की इमरान को नसीहत, आप भारत ही चले जाओ

लेकिन इमरान खान के मुंह से भारत की तारीफ विपक्षी नेताओं को नहीं भा रहा. पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की बेटी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज की नेत्री मरियम नवाज ने भारत की तारीफ करने के लिए इमरान खान की तीखी आलोचना की है. मरियम नवाज शरीफ ने ट्वीट कर कहा, ‘कुर्सी जाती देख पागल हुए जा रहे इस शख्स को कोई बताए कि उसे, खुद की ही पार्टी सत्ता से बेदखल करने जा रही है. कोई और नहीं कर रहा. अगर आपको भारत इतना ही पसंद है तो आप पाकिस्तान छोड़कर वहीं शिफ्ट हो जाइए.’

 

मरियम नवाज ने अटल बिहारी वाजपेयी का दिया उदाहरण

मरियम नवाज शरीफ ने आगे कहा, ‘भारत की तारीफ करने वाले को पता होना चाहिए कि वहां के अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के खिलाफ विपक्ष की ओर से 27 बार अविश्वास प्रस्ताव लाया जा चुका है. लेकिन किसी ने संविधान, लोकतंत्र और अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया. अटल बिहारी वाजपेयी ने तो 1 वोट अपनी सत्ता गंवा दी थी. लेकिन उन्होंने अपने देश और उसके संविधान को आपकी तरह गिरवी नहीं रख दिया था.’

 

पाकिस्तानी संसद में आज अविश्वास प्रस्ताव पर होगा मतदान

गौरतलब है कि 7 अप्रैल को पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ विपक्षी दलों की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर कासिम खान सूरी द्वारा बिना वोटिंग कराए ही खारिज ​करने और राष्ट्रपति आरिफ अल्वी द्वारा इमरान खान की सिफारिश पर संसद भंग करने को असंवैधानिक करार दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान की नेशनल असेंबली को बहाल करने और 9 अप्रैल को विशेष सत्र बुलाकर इमरान खान सरकार के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराने का फैसला सुनाया था.