October 19, 2021

आर टी ओ आरएस यादव के खिलाफ विजलेंस ने कैंट थाने में रपट दर्ज करायी*

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*वाराणसी:* सूबे में लंबे समय तक किसी भी सरकार में अपना सिक्का कायम रखने वाले चंंदौली के निलंबित एआरटीओ भाजपा सरकार बनने के बाद से गर्दिश में चल रहे हैं। मीरजापुर जेल की सलाखों के पीछे निरुद्ध एआरटीओ ने जमानत की खातिर सुप्रीम कोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया है लेकिन भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को देखते हुए कहीं से राहत नहीं मिली है। पिछले कई महीनों से उन्होंने एडी-चोटी का जोर लगा कर जिस मामले को लंबित रखने की कोशिश की थी वह भी सफल नहीं हो सकी। कैंट थाने में सतर्कता अधिष्ठान (विजलेंस) के इंस्पेक्टर देवेन्द्र कुमार सिंह ने आरएस यादव के खिलाफ आय से अधिक सम्पति के मामले में मुकदमा कायम कराया है। आईपीसी की धारा 193, 420, 423, 468, 471 और 120 वी के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) तथा 13 (1) वी के तहत मुकदमा कायम हुआ है।

*बेनामी छोड़ आय से अधिक मिली डेढ़ करोड़ की सम्पति*

विभागीय सूत्रों का कहना है कि विजलेंस ने आरएस यादव की पूरी नौकरी के दौरान मिले वेतन और आयकर विवरण की जांच के बाद डेढ़ करोड़ अधिक की सम्पति का आकलन किया है। यह वह सम्पति है तो आरएस यादव उनकी पत्नी और बच्चों के नाम है। इसके कई गुना अधिक की बेनामी सम्पति को कुछ माह पहले ही जब्त किया जा चुका है। मामले की जांच कर एफआईआर की प्रकृया पूरी करने में विजलेंस को लगभग डेढ़ सालका समय लग गया। इसके बाद विवेचना आरम्भ होगी। दावा है कि समस्त अभिलेखीय प्रमाण पहले ही जुटाये जा चुके हैैं जिससे इसमें अधिक वक्त नहीं लगेगा।

*शासन स्तर पर अटकी थी फाइल*

गौरतलब है कि काफी समय पहले से विजलेंस ने मुकदमा कायम करने की खातिर अनुमति लेने के लिए शासन में पत्र भेजा था। इसे पैरवी समझा जाये या कुछ और लेकिन शासन से अनुमति मिलने के बदले लंबित रखी गयी। यह दशा तब थी जब सीएम योगी खुद भ्रष्टाचार के मामलों में उदाहरण के तौर पर निलंबित एआरटीओ का जिक्र कर चुके थे। आरएस यादव के खिलाफ शिकायत करने वाले पूर्वांचल ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रमोद सिंह और शिवपुर निवासी राकेश न्यायिक ने कई बार शिकायती पत्र भेजे जिसके बाद शासन से मंजूरी मिल सकी।