January 22, 2021

अयोध्या में भव्य और दिव्य श्री राम मंदिर परिसर के निर्माण में मुख्य संरचना सहित लगभग 1,100 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है- अजय मिश्रा

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लखनऊ–

 

अयोध्या में भव्य और दिव्य श्री राम मंदिर परिसर के निर्माण में मुख्य संरचना सहित लगभग 1,100 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान है।

 

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का दान ऑनलाइन प्राप्त हुआ है।

 

 

 

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरिजी महाराज ने बताया कि राम मंदिर लगभग साढ़े तीन साल में पूरा होने की उम्मीद है।

 

उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है। विशेषज्ञ और इंजीनियर मंदिर की नींव के लिए योजना तैयार कर रहे हैं।

 

स्वामी गोविंद देव गिरिजी महाराज कहा कि मुख्य राम मंदिर के निर्माण की लागत 300 करोड़ से 400 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि पूरा परिसर बनाने 1,100 करोड़ रुपये से कम खर्च नहीं आएगा।

 

हालांकि अभी यह अनुमान है,इसमें ज्यादा या कम हो सकता है।

 

उन्होंने कहा कि मंदिर का निर्माण शुरू हो गया है और बॉम्बे, दिल्ली, मद्रास, गुवाहाटी, सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञ और एलएंडटी व टाटा समूह के विशेष इंजीनियर परिसर की मजबूत नींव की योजना तैयार करने पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।

 

स्वामी गोविंद देव गिरिजी महाराज ने कहा कि मंदिर की नींव के लिए दिए गए विकल्पों पर मंगलवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में चर्चा की जाएगी।

 

इस बैठक में नींव निर्माण के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अब तक 100 करोड़ रुपये से अधिक का दान ऑनलाइन मिल चुका है।

 

इसके साथ ही हम देश के चार लाख गांवों और 11 करोड़ परिवारों तक पहुंचेंगे ताकि समाज के सभी वर्ग इस पहल में भाग ले सकें।

 

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरिजी महाराज ने कहा कि ट्रस्ट ने मंदिर के निर्माण के लिए जन संपर्क और निधि समर्पण अभियान शुरू करने की घोषणा की है।

 

दुनिया के सबसे बड़े जनसंपर्क अभियान की शुरूआत मकर संक्रांति से होगी और यह माघी पूर्णिमा तक चलेगा।

 

इसके तहत 10, 100 व 1000 रुपये के कूपन देकर लोगों से सहयोग राशि जुटाई जाएगी।

 

इससे अधिक सहायता राशि देने वालों को रसीद दी जाएगी। सभी पर श्रीराम का चित्र होगा।

 

मंदिर के इतिहास की भी जानकारी होगी। प्रयास होगा कि प्रत्येक घर में श्री राम का एक चित्र जरूर पहुंचे।