October 23, 2021

अयोध्या के बाद अब काशी में दहाड़ेंगे शिवसेना प्रमुख, राम मंदिर निर्माण आंदोलन को देंगे धार

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वाराणसी। राम मंदिर निर्माण को लेकर शिव सेना नए रण की तैयारी में जुटी है। बीते वर्ष नवंबर माह में राम जन्मभूमि स्थल अयोध्या से मंदिर निर्माण को लेकर शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा था कि ये वर्षों से मंदिर वहीं बनाएंगे का नारा लगा रहे हैं लेकिन अब मंदिर निर्माण की तारीख बतानी होगी। राममंदिर श्रद्धा का मामला है। श्रद्धा अदालतों में तौली-मापी नहीं जाती। उन्होंने कहा था कि अदालत का फैसला आने से पहले ही कानून बनाएं या अध्यादेश लाएं। शिवसेना का हर सांसद साथ देगा।

पीएम के संसदीय क्षेत्र से दहाड़ेंगे शिवसेना प्रमुख

राम मंदिर निर्माण आंदोलन को और धार देने के लिए शिव सेना प्रमुख अब पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में दहाड़ेंगे। इस सम्बंध में शिवसेना के राष्ट्रीय संगठक अशोक तिवारी ने बताया कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे फरवरी के अंतिम सप्ताह में वाराणसी में एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे। उद्धव ठाकरे के प्रस्तावित कार्यक्रम से पूर्व राष्ट्रीय संगठक अशोक तिवारी ने बनारस में कई स्थलों का जायजा लिया।

बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लेकर देंगे राम मंदिर निर्माण को धार

अशोक तिवारी ने कहा कि शिवसेना प्रमुख काशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करने के बाद एक विशाल जनसभा को सम्बोधित करेंगे। राम मन्दिर निर्माण आंदोलन को लेकर जनता में उत्साह भरेंगे। हालांकि अभी सभा स्थल का जायजा लिया जा रहा है। इसके लिए बेनियाबाग का मैदान, कटिंग मेमोरियल इंटर कालेज का मैदान, जगतपुर डिग्री कालेज सहित शहर के बीचों बीच स्‍थित टाउनहाल के मैदान का निरीक्षण किया गया है। 20 जनवरी तक पार्टी के सांसद संजय राउत वाराणसी आएंगे और सभा स्थल पर अंतिम फैसला करने के बाद प्रशासनिक अनुमति की कार्रवाई पूरी करेंगे।

रामलला टेंट में हैं, इसकी जिम्मेदार कांग्रेस के साथ भाजपा भी

राष्ट्रीय संगठक अशोक तिवारी में मीडिया वार्ता के दौरान कहा कि राम मंदिर निर्माण को लेकर जनता के सब्र का बांध अब टूट रहा है। रामलला यदि टेंट में हैं तो इसकी जिम्मेदार कांग्रेस ही अब भाजपा भी है। भाजपा ने इसे अपना चुनावी मुद्दा बनाये रखने के कारण इस मामले को टाल रखा है।

मोदी के खिलाफ काशी में प्रत्याशी उतारेगी शिवसेना

आगे उन्होंने बातचीत में कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में शिवसेना भाजपा के साथ मिलकर चुनाव नहीं लड़ेगी। शिवसेना बनारस से उनके विरुद्ध अपना प्रत्याशी उतारेगी। हम जनता के बीच भाजपा की वादाखिलाफी और राम मंदिर निर्माण का मुद्दा लेकर जायेंगे। इसके अलावा हम काशी, अयोध्या और मथुरा के साथ-साथ यूपी की कई लोकसभा सीटों पर अपना प्रत्याशी उतारेंगे।