October 22, 2021

अमर सिंह की आजम को खुली चुनौती, 30 को आऊंगा, दम हो तो ले लो मेरी कुर्बानी.

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वाराणसी….

समाजवादी पार्टी (सपा) से निष्कासित राज्यसभा सदस्य अमर सिंह ने बेटियों को तेजाब से नहलाने की कथित रूप से धमकी देने वाले वरिष्ठ सपा नेता आजम खानको चुनौती देते हुए कहा कि वह 30 अगस्त को आजम खान के गृह जनपद रामपुर जाएंगे, उनमें हौसला हो तो अपना इरादा पूरा कर लें।

अमर सिंह ने लखनऊ में मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, “आजम खान ने जिस तरह मेरी बेटियों को तेजाब से नहलाने की धमकी दी है, मैं उन्हें चुनौती देता हूं। मैं 30 अगस्त को उनके जिले रामपुर जा रहा हूं। अगर उनमें दम हो तो वह मेरी कुर्बानी ले लें और मेरी बेटियों को छोड़ दें।”

उन्होंने दावा किया कि आजम खान ने एक टीवी चैनल को दिये गये साक्षात्कार में उनकी बेटियों के लिये धमकी भरे शब्द इस्तेमाल करते हुए कहा कि “हमें काटा जाएगा और बेटियों को तेजाब से नहलाया जाएगा।”

कभी सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव के सबसे करीबी माने जाने वाले अमर सिंह ने आजम खान को मुलायम का ‘राजनीतिक दत्तक पुत्र’ करार देते हुए कहा “मैं कहना चाहता हूं कि मुलायम और उनके बेटे अखिलेश यादव की भी बेटियां हैं। कम से कम मुलायम को तो इसकी निन्दा करनी चाहिये थी और आजम खान से बात करनी चाहिये थी।”

उन्होंने समाजवादी पार्टी को ‘नमाजवादी पार्टी’ करार देते हुए कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तो देश के बंटवारे के वक्त भी कोई दंगा नहीं हुआ था, लेकिन पिछली सपा सरकार के कार्यकाल में आजम खान उस क्षेत्र के प्रभारी रहे तब वहां फसाद भी हुआ।

अमर सिंह ने कहा कि आजम खान ने खुद स्वीकार किया था कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय माफिया सरगना दाऊद इब्राहीम और अबू सलेम के पैसे से मुलायम का जन्मदिन मनाया था। अमर सिंह ने रामपुर के मौलाना मुहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के लिये जुटाये गये धन की जांच की मांग भी की।

उन्होंने कहा, “गृह मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल को जौहर विश्वविद्यालय के लिये धन कैसे इकट्ठा किया गया, इसकी जांच करनी चाहिये। आखिर कैसे कोई व्यक्ति किसी विश्वविद्यालय का आजीवन कुलपति हो सकता है।”

अमर सिंह ने कहा कि वह इस सिलसिले में राज्यपाल राम नाईक से मुलाकात करेंगे। सपा अध्यक्ष अखिलेश द्वारा इटावा में अंकोरवाट की तर्ज पर भगवान विष्णु का शहर बसाने की योजना के बारे में उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अयोध्या में कारसेवकों पर गोलियां चलवायीं वे मंदिर बनाने की बात करते हैं। अखिलेश ने अपने पिता की उपेक्षा की, अपनी मां के साथ बुरा बर्ताव किया। उन्हें लोहिया की विचारधारा को पढ़ना चाहिये।