November 27, 2021

*अधिकार विवाद में दिल्ली सरकार लगभग खाली हाथ, एससी के फैसले से लगा झटका*

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*केंद्र बनाम दिल्ली सरकार अधिकार विवाद में लंबित मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। सबसे बड़े मुद्दे यानी अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग पर दो जजों के बीच मतभेद के चलते कोई नतीजा नहीं निकल सका। अब ये मामला बड़ी बेंच को भेज दिया गया है। मतलब, अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग फिलहाल उपराज्यपाल ही करते रहेंगे। बाकी मामलों में भी दिल्ली सरकार को कुछ खास हासिल नहीं हुआ है।

4 जुलाई 2018 को सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की संविधान पीठ का फैसला आया था। संविधान पीठ ने माना था कि दिल्ली एक केंद्र शासित क्षेत्र है, लेकिन यहां विधानसभा का चुनाव होता है और उससे एक सरकार का गठन होता है। ऐसे में केंद्र के प्रतिनिधि उपराज्यपाल सारे फैसले अपनी मर्जी से नहीं ले सकते। उन्हें मंत्रिमंडल की सलाह पर काम करना होगा। अगर किसी मसले पर विवाद होता है तो उसे राष्ट्रपति के पास भेजा जा सकता है। तब कोर्ट ने ये भी कहा था कि विवाद से जुड़े लंबित मुद्दों पर 2 जजों की बेंच अलग से सुनवाई करेगी।