January 17, 2021

अजीत हत्याकाण्ड: समझौते की हुई थी कई कोशिशें- अजय मिश्रा

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*अजीत हत्याकाण्ड: समझौते की हुई थी कई कोशिशें*

*प्रदेश के बड़े अपराधियों ने भी किया था हस्तक्षेप, नहीं बनी बात*

 

 

आजमगढ़। पूर्वांचल के कुख्यात बदमाश व आजमगढ़ जिले के अजमतगढ़ के पूर्व प्रमुख ध्रुव कुमार सिंह उर्फ कुण्टू सिंह के साथ अदावत मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना के पूर्व प्रमुख अजीत सिंह को काफी मंहगा पड़ा। इसकी कीमत उसे अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। ऐसा नहीं है कि इस मामले में समझौते की कोशिशें नहीं हुई। कुण्टू की ओर से सुलह-समझौते का कईयों प्रयास किया गया। प्रदेश के कुछ बड़े अपराधियों ने भी हस्तक्षेप किया, मगर बात नहीं बनी। कहा तो यहां तक जा रहा है कि सगड़ी के पूर्व बसपा विधायक सर्वेश सिंह सीपू को मारने से पहले कुण्टू ने उनसे भी समझौते का प्रयास किया था। उनकी ओर से भी समझौते का प्रयास खारिज कर दिया गया था। पूर्वांचल में गैंगवार कोई नया नहीं है। यह अलग बात है कि कुछ वर्षों से गैंगवार का यह सिलसिला थमा हुआ था। इस बार हुए गैंगवार की बुनियाद कुछ बरस पहले ही रख दी गयी थी। हुआ यह था कि अपने पिता पूर्व मंत्री रामप्यारे सिंह के निधन के बाद सर्वेश सिंह सीपू जब सगड़ी से विधायक निर्वाचित हुए तो उन्होंने अपना दायरा बढ़ाना शुरू किया। इसके तहत वह अपने विधानसभा क्षेत्र के अजमतगढ़ से अपना ब्लाक प्रमुख बनाने की सोचे। उस समय कुण्टू की ओर से यह प्रस्ताव दिया गया कि वह विधायक बने रहे और अजमतगढ़ का प्रमुख पद उसके लिए छोड़ दें। ऐसी स्थिति में उन दोनों के बीच किसी तरह का राजनैतिक मतभेद नहीं रहेगा। यह अलग बात है कि सीपू सिंह ने यह प्रस्ताव नहीं माना और अपने चहेते को आजमगढ़ का प्रमुख बनवा दिया। यहीं से विवाद की आधारशिला रखी गयी। विवाद शुरू हुआ तो लगातार दोनों लोग सामने आते रखे और अपनी ताकत दिखाते रहे। इन विवादों के कारण ही वर्ष 2013 में सीपू सिंह की हत्या कर दी गयी। उनके साथ दो अन्य लोग भी मारे गये। सीपू की हत्या के बाद जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित नागरिकों ने जीयनपुर कोतवाली पर तोड़-फोड़, पथराव व आगजनी तक किया। फिलहाल इस मामले में कुण्टू सिंह मुख्य आरोपी बनाये गये। उस समय तक अजीत सिंह ने कुण्टू व तरवां के बाहुबली पूर्व प्रमुख अखण्ड प्रताप सिंह से अपना नाता तोड़ लिया था। यही वजह रही कि सीपू सिंह की हत्या के मुकदमें में अजीत सिंह गवाह बन गये। कुण्टू की ओर से गवाही देने से कईयों बार मना किया गया। इसे लेकर कई बार पंचायतें हुई और इन पंचायतों में प्रदेश के कई बड़े ने पहुंचकर हस्तक्षेप करते हुए दोनों के बीच सुलह-समझौता कराने का प्रयास किया था। यह अलग बात है कि पंचायतों में बात नहीं बनी। अन्त्वोगत्वा इन्हीं सारे विवादों के बीच बीते दिनों लखनऊ में अजीत सिंह को कत्ल कर दिया गया।

 

अपनी जिन्दगी को लेकर सशंकित थे अजीत

आजमगढ़। मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना के पूर्व प्रमुख अजीत सिंह अपनी जिन्दगी को लेकर पहले से सशंकित थे। उनकी पत्नी रानू सिंह के बयान से यह बात स्वत: स्पष्टï हो जाती है। वजह यह कि अजीत की हत्या के बाद रानू ने कुण्टू सहित आधा दर्जन लोगों का नाम जाहिर किया है। उसका कहना है कि उसके पति अजीत सिंह ने खुद उससे यह बात बतायी थी कि यह आधा दर्जन लोग उसकी जान के दुश्मन हैं। रानू का यह दावा है कि इन्हीं आधा दर्जन लोगों ने अजीत की हत्या की घटना को अंजाम दिया है। फिलहाल प्रशासनिक मशीनरी छानबीन में जुटी हुई है और जल्द ही सारे रहस्यों से पर्दा उठ जायेगा।