May 18, 2022

अंग्रेजों के जमाने में आवंटित जमीनों की हो रही तलाश-

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अंग्रेजों के जमाने में आवंटित जमीनों की हो रही तलाश, फारसी में दर्ज दस्तावेजों का हो रहा अध्‍ययन

 

 

 

 

 

वाराणसी : किसी ने बैलगाड़ी खड़ा करने के लिए जमीन आवंटित कराई थी तो किसी ने समाजसेवा के लिए ली थी जमीन। ऐसे प्रकरण आजादी के पहले यानी अंग्रेजों के जमाने के हैं जिस दौरान गठित बनारस म्यूनिसिपल बोर्ड ने अपनी जमीनें जरूरतमंदों को आवंटित की थी। ऐसी जमीनों की तलाश अब नगर निगम वाराणसी ने शुरू करा दी है। तब के दस्तावेज फारसी में लिखे गए हैं जिसे पढ़कर अनुवाद करने के लिए विशेषज्ञों को बुलाया गया है।

 

 

दस्तावेज तैयार करने के साथ ही संबंधित जमीनों की खोज शुरू होगी। कब्जेदारों को नोटिस देने के साथ ही जमीन को विधि पूर्वक कार्यवाही कर खाली कराया जाएगा। नगर निगम प्रशासन का यह कार्य ऐतिहासिक माना जा रहा । यह अभियान मुकाम तक पहुंचा तो विकास योजनाओं के लिए जमीन की कमी नहीं होगी। इसे लेकर नगर निगम तब जागा, जब एक कर्मचारी के हाथ फारसी दस्तावेज मिला। उसने रिटायर्ड हो चुके एक कर्मचारी से फारसी में लिखे दस्तावेज को पढ़ाया तो मालूम हुआ कि सरकारी जमीन को एक व्यक्ति ने वर्ष 1917 में बैलगाड़ी खड़ा करने के लिए आवंटित कराया था जिसकी मियाद तीन साल थी। इस जमीन के बाबत वर्तमान में राजस्व विभाग के पास कोई रिकार्ड नहीं है। ऐसे ही एक व्यक्ति ने ठेला गाड़ी खड़ा करने के लिए जमीन का आवंटन कराया था, उसकी भी मियाद खत्म हो गई। ऐसे प्रकरण की जानकारी नगर आयुक्त प्रणय सिंह को हुई तो उन्होंने आजादी से पहले अंग्रेजों के जमाने में आवंटित जमीनों के बाबत रिकार्ड रूम में रखे दस्तावेजों को निकालकर एक स्थान पर सुरक्षित रखवा दिया। अब उसे पढ़ने के लिए फारसी से हिंदी में अनुवाद करने वाले विशेषज्ञ को बुलाया गया है जिसके आधार पर नए सिरे से दस्तावेज तैयार किया जा रहा है।

 

 

एक सौ वर्ष में नगर निगम का क्षेत्र साढ़े चार गुना बढ़ गया। नगर निगम के रिकार्ड के अनुसार वर्ष 1920 में वार्डों की संख्या 25 थी। इस समय पांच जोन में बंटे नगर निगम में कुल 90 वार्ड हैं, जिनकी संख्या बढ़कर अब 110 हो जाएगी क्योंकि 84 गांवों को भी नगरीय सीमा में शामिल किया गया है। निगम के रिकार्ड के अनुसार वर्ष 1920 से लेकर 1958 तक नगर निगम में वार्डों की संख्या 25 थी। 1959 में वार्डों की संख्या बढ़कर 40 हो हुई। 1994 में वार्डों की संख्या बढ़कर 90 हो गई। फिलहाल, नगर निगम सीमा में शामिल 84 गांवों के क्षेत्रफल को अलग हटकर आंकलन किया जाए तो शहरी क्षेत्र 79.79 वर्ग किमी है। निगम के अधीन सड़कों की कुल लंबाई 1170 किमी है।

 

 

 

फोर लेन हो जाएंगी गलियां

 

माना जा रहा है कि पुराने नक्शे के अनुसार जगह की तलाश करा ली जाएगी तो कई गलियों की चौड़ाई फोर लेन सड़क से कम न होगी। सड़कों का आकार भी बदल जाएगा तो तमाम परियोजनाओं के लिए शहरी क्षेत्र में जमीनों की उपलब्धता भी हो जाएगी।